
ASI survey in mp (फोटो सोर्स- मां चंडी दरबार मंदिर फेसबुक पेज)
MP News: बैतूल के चिचोली तहसील के गांव गोधना स्थित ऐतिहासिक मां चंडी दरबार और आसपास के किलों को लेकर क्षेत्रीय लोगों की वर्षों पुरानी मांग को बल मिला है। बीते दिनों भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) की टीम यहां पहुंची (ASI survey in mp) और मां चंडी दरबार, राजा इल के किले, देवल व दुधियागढ़ किले का सर्वेक्षण किया। दल ने इन स्थलों का निरीक्षण करते हुए स्थल की ऐतिहासिकता, शिल्पकला, संरचना और वर्तमान स्थिति की बारीकी से जांच की। मंदिर परिसर के प्राचीन शिलालेखों, स्थापत्य और आसपास के किलेबंदी क्षेत्र को भी दस्तावेजीकृत किया गया।
माना जा रहा है कि टीम द्वारा संकलित जानकारी के आधार पर जल्द चंडी दरबार और किलों को लेकर नई घोषणा या रिपोर्ट जारी हो सकती है। ग्राम पंचायत गोधना के सरपंच संतोष चिक्का टेकाम ने बताया कि एएसआई की टीम का आना हमारे लिए बहुत बड़ी बात है। इससे हम सबको उम्मीद है कि मां चंडी दरबार और यहां के किले राष्ट्रीय धरोहर घोषित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे पहले भी इस स्थल को लेकर विभिन्न स्तरों पर मांग उठ चुकी है।
राष्ट्रीय अजा आयोग ने संज्ञान लेते हुए इस स्थान के संरक्षण और पुरातात्विक महत्व की जांच की अनुशंसा की थी। तहसीलदार की रिपोर्ट में भी मां चंडी दरबार को ऐतिहासिक महत्व का स्थल बताया है। रिपोर्ट में उल्लेख है 1916-17 से ही यह स्थल राजस्व अभिलेखों में मंदिर व पूजास्थल के रूप में दर्ज है। गोधना के मां चंडी दरबार क्षेत्र को लेकर आदिवासी समाज सहित अन्य समाजों की मांग है क्षेत्र को सार्वजनिक घोषित किया जाए।
जांच दल में सुपरिटेंडिंग ऑफिसर डॉ. मनोज कुमार कुर्मी, डिप्टी सुपरिटेंडिंग डॉ. मोहन चंद्र जोशी, सर्वेयर नितिन श्रीवास्तव और ड्राफ्ट्समैन के. के. रॉय उपस्थित रहे।
Updated on:
08 Jun 2025 03:22 pm
Published on:
08 Jun 2025 03:14 pm
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