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तीन माह बाद एक दिन के अंतराल में चलेगी नागपुर-झांसी पैसेंजर

एक ही रेक होने से दिन के अंतराल से चलेगी पैंसेजर,पिछले तीन माह से बंद है इटारसी पैसेंजर, २८ फरवरी तक ट्रेन को रद्द किया था।कल से चलेगी

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बेतुल

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Ashok Waiker

Feb 02, 2018

 railway administration canceled the train

railway administration canceled the train


बैतूल। पिछले तीन माह से बंद नागपुर-इटारसी पैसेंजर की यात्रियों को ३ फरवरी से एक दिन के अंतराल में सेवाएं मिल सकेगी। रेलवे प्रशासन द्वारा रेक मैंटेंनेस के नाम पर पिछले ९६ दिनों से रद्द कर दिया था। ट्रेन के रद्द होने से गरीब यात्रियों को यात्रा करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले तीन माह से ट्रेन के बंद होने से यात्रियों को इस ट्रेन के स्थाई रूप से बंद करने का रेलवे प्रशासन पर संदेह होने लगा था। ट्रेन को आरंभ करने को लेकर मुलताई में पिछले एक सप्ताह से धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। नागपुर मंडल के पीआरओ अनिल कुमार ने बताया कि ट्रेन नंबर ५१८२९ और ५१८३० की यात्रियों को एक दिन के अंतराल में सेवाएं मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि ट्रेन नंबर ५१८२९ ट्रेन शनिवार को नागपुर पूर्व निर्धारित समय पर चलकर इटारसी तक चलेगी।वहीं अगले दिन यही ट्रेन ५१८३० नंबर के साथ में इटारसी से नागपुर के लिए रवाना होगी। ट्रेन के संचालन के लिए एक और रेक प्राप्त नहीं होने से एक रेक के भरोसे एक दिन के अंतराल में ट्रेन का संचालन होगा।
२८ फरवरी तक रद्द की थी ट्रेन
नागपुर-झांसी पैसेंजर ट्रेन को रेलवे प्रशासन तीसरी बार एक माह के लिए २८ फरवरी तक रद्द किया था। बार-बार ट्रेन के रद्द होने से पिछले तीन माह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को अन्य ट्रेनों से सफर करना पड़ रहा है। नागपुर-झांसी पैसेंजर को २९ अक्टूबर को इस ट्रेन को पहली बार ट्रेक मेंटेेनेस के नाम पर नवंबर और दिसंबर दो माह के लिए रद्द किया गया था। दूसरी बार ३० दिसंबर को रेलवे प्रशासन ने १ से ३० जनवरी तक रेक मेंटेंनेस के नाम पर रद्द किया था। इसके बाद में रेलवे प्रशासन द्वारा ३० जनवरी को तीसरी बार १ से २८ फरवरी तक इस टे्रन को तीसरी बार रद्द कर दिया।
गरीबों की फजीयत
पिछले तीन माह से ट्रेन के रद्द होने से गरीब यात्रियों की फजीयत हो रही है। यात्रियों को मजबूरी में बस से महंगे में सफर करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर ट्रेन के अलावा अन्य साधन नहीं होने के कारण लोगों को पैदल ही सफर करना पड़ रहा है।