
बैतूल। वर्ष 2025 में गुम हुई नाबालिग बालिकाओं की सुरक्षित वापसी के लिए बैतूल पुलिस द्वारा चलाया गया विशेष अभियान से जिले को बड़ी राहत है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में कुल 182 नाबालिग बालिकाएं गुमशुदा दर्ज की गई थीं, जिनमें से 159 बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर उनके परिजनों तक पहुंचाया गया।
एसपी वीरेंद्र जैन ने बताया आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से 144 बालिकाओं की दस्तयाबी हुई। इसमें बैतूल जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 128, भोपाल और छिंदवाड़ा से 4-4, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम से 2-2, जबकि सीधी और शाजापुर से 1-1 बालिका को सुरक्षित खोजा गया। इसके साथ ही महाराष्ट्र के नासिक (1), नागपुर (2), औरंगाबाद (1), अमरावती (1) और पुणे (2) से भी बालिकाओं को दस्तयाब किया गया। इसके अतिरिक्त गुजरात, दिल्ली, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और राजस्थान जैसे राज्यों से भी बालिकाओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई। पुलिस टीमों ने मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग, तकनीकी विश्लेषण, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और स्थानीय मुखबिर तंत्र का प्रभावी उपयोग किया। दस्तयाबी के दौरान संबंधित राज्यों की पुलिस से बेहतर समन्वय बनाया। सभी बालिकाओं को वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर परिजनों के सुपुर्द किया गया। नाबालिग की दस्तयाबी के लिए कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
विशेष पुलिस टीमों का किया गठन
गुमशुदा नाबालिग बालिकाओं की तलाश के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। अभियान की निगरानी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी द्वारा की गई, जबकि सभी अनुभागों में एसडीओपी स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की गई। थाना स्तर पर पुलिस स्टाफ ने लगातार फील्ड में रहकर सुराग जुटाए और अंतरराज्यीय समन्वय के साथ कार्रवाई की।
23 नाबालिग बालिकाओं की तलाश जारी
एसपी जैन ने बताया हालांकि 23 नाबालिग बालिकाए अभी नहीं मिली है। इनकी तलाश लगातार जारी हैं, हर संभावित दिशा में कार्रवाई की जा रही है। इन बेटियों को भी जल्द घर वापस कराया जाएगा।
Published on:
08 Jan 2026 09:22 pm
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