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बिजली चोरी करने वालों का बिल होगा माफ, जानें क्या है मामला

संबल योजनांतर्गत बिजली चोरी प्रकरणों में उपभोक्ताओं को मिलेगी बड़ी राहत

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Fake note found in Jalore

Fake note found in Jalore, Pali police arrived Jalore on Thursday

बैतूल. विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली चोरी के मामले में आरोपी बनाए गए किसानों एवं घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी बड़ी खबर यह है कि अब उन्हें कंपनी द्वारा चोरी के प्रकरण में अधिरोपित किया गया भारी-भरकम जुर्माना नहीं भरना पड़ेगा। शासन की संबल योजनांतर्गत बिजली चोरी के प्रकरणों में भी राहत प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया है। जिसके तहत जिले में दर्ज आठ सौ से अधिक प्रकरणों में बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। विद्युत वितरण कंपनी द्वारा इन प्रकरणों में सरचार्ज, एनर्जी चार्ज सहित जुर्माने आदि की पूरी राशि माफ की जाएगी।

जिले में आठ सौ से अधिक प्रकरण दर्ज
श्रमिकों, कर्मकारों एवं किसानों के विरुद्ध विशेष न्यायालयों में वर्तमान में विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 135 और 138 के लगभग 800 से अधिक प्रकरण दर्ज है।उच्च न्यायालय की अनुमति के बाद अब इन प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष लोक अदालतें लगाई जाएगी। बताया गया कि इन प्रकरणों पर विद्युत वितरण कंपनी द्वारा सात से आठ करोड़ रुपए का जुर्माना अधिरोपित किया गया था। जुर्माना वसूलने के लिए कंपनी द्वारा नोटिस भी जारी किए गए थे। विद्युत कंपनी के प्रमुख सचिव केशरी ने निर्देश दिए हैं कि विद्युत वितरण कंपनी द्वारा हितग्राहियों को पत्र भेजकर अदालत के आयोजन की सूचना दी जाए, ताकि वे विशेष लोक अदालत में उपस्थित हो सकें। हितग्राहियों की उपस्थिति में ही प्रकरण वापस लेने की कार्यवाही की जाएगी।

लोक अदालत में सुझेंगे प्रकरण
राज्य शासन ने संबल योजना और म.प्र. भवन एवं अन्य संन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल पोर्टल पर पंजीकृत कर्मकारों एवं किसानों के विरुद्ध जून 2018 तक दर्ज घरेलू बिजली संबंधी न्यायालयीन प्रकरण वापस लेने के लिए हितग्राहियों की उपस्थिति में आगामी 25 अगस्त को विशेष लोक अदालतें आयोजित की जाएगी। सभी प्रकरण लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किए जाएंगे। विशेष लोक अदालतों में पंजीकृत श्रमिकों एवं कर्मकारों के साथ-साथ कृषकों के मुकदमे भी वापस लेने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। प्रमुख सचिव, ऊर्जा आई.सी.पी. केशरी ने विशेष लोक-अदालतें आयोजित करने के बारे में विद्युत वितरण कम्पनियों के प्रबंध संचालकों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।

ब्याज की पूर्ण राशि होगी माफ, 50 प्रतिशत की छूट भी
विद्युत वितरण कम्पनियों द्वारा मुकदमे वापस लेने की कार्रवाई भारसाधक लोक अभियोजक के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए ब्याज की पूर्ण राशि माफ करते हुए सिविल दायित्वों की बकाया राशि पर 50 प्रतिशत की छूट भी विद्युत वितरण कम्पनियों द्वारा दी जाए। मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम-2018 के अनुरूप सिविल दायित्व की शेष 50 प्रतिशत राशि का वहन राज्य शासन द्वारा किया जाएगा। सभी मुकदमों में कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए विभाग को 50 प्रतिशत सिविल दायित्व की राशि के दावे पूर्ण विवरण के साथ उपलब्ध करवाने होंगे।

इनका कहना
प्रमुख सचिव केशरी ने निर्देश जारी किए है कि संबल योजनांतर्गत धारा 135 और 138 के तहत बनाए गए प्रकरणों का निराकरण किया जाए। जिले में धारा 135 के आठ सौ से अधिक प्रकरणों को निराकरण के लिए शामिल किया गया है। 25 अगस्त को लोक अदालत के माध्यम इन प्रकरणों का निराकरण कर दिया जाएगा।
जीके भरदया, अधीक्षण यंत्री विद्युत वितरण कंपनी बैतूल।