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नहीं मिला कोयला तो बंद करनी पड़ेगी आठ और नौ नंबर इकाई

कोयले की कमी का अंदाजा विद्युत इकाइयों को बंद रखने और चालू इकाइयों को कम लोड पर चलाने से ही लगा सकता है

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sarni power plant

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सारनी. प्रदेश सरकार बिजली घरों को जरूरत के मुताबिक कोयला आपूर्ति करने में विफल हो गई है। यही वजह है कि प्रदेश चार में से दो बड़े प्लांटों में कोयला संकट गहराया है। कोयले की कमी का अंदाजा विद्युत इकाइयों को बंद रखने और चालू इकाइयों को कम लोड पर चलाने से ही लगाया जा सकता है। बावजूद इसके जिम्मेदार इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
सतपुड़ा में शनिवार को महज 20 हजार मीट्रिक टन कोल स्टॉक रहा। इसमें से भी 10 हजार मीट्रिक टन कोयला बंकरों में है। यानी यह कोयला इसी दिन जल गया। इसका मतलब यह हुआ कि प्लांट में ग्राउंड स्टॉक महज 10 हजार मीट्रिक टन है। जबकि आपूर्ति के नाम पर रेलवे के जरिए एक रैक और क्षेत्रीय कोयला खदानों से 5 हजार मीट्रिक टन कोयला मिल रहा है। जितना कोयला मिल रहा है। उससे दोगुना सतपुड़ा में इन दिनों खपत हो रहा है। फिलहाल प्लांट की 6 में से 2 इकाइयां 6 व 7 नंबर यूनिट कोयले की कमी से बंद है। वहीं 8, 9 नंबर इकाई को 135-135 मेगावाट के लोड पर चलाया जा रहा है। जबकि 10 और 11 नंबर इकाई को 220-220 मेगावाट के लोड पर चलाया जा रहा है। सतपुड़ा की 4 इकाइयों से शनिवार को 710 मेगावाट विद्युत उत्पादन हुआ। जबकि प्लांट की क्षमता 1330 मेगावाट है। पत्रिका ने शनिवार के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर बताया था कि कोयले की कमी से आज 7 नंबर इकाई बंद करनी पड़ सकती है और हुआ भी कुछ ऐसा ही।

कोयले की कमी से घटाया लोड
प्रदेश के प्रमुख प्लांटों में से एक सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में कोयले की कमी से 210 मेगावाट की यूनिट बंद करनी पड़ सकती है। प्लांट में कोयले का ग्राउंड स्टॉक महज 18 हजार मीट्रिक टन है। शुक्रवार को एक भी रैक कोयला नहीं मिला। ऐसी स्थिति में सतपुड़ा ताप विद्युत गृह की 210 मेगावाट की 7-8 नंबर यूनिट में से कोई एक यूनिट बंद हो सकती है। वहीं कोयले की कमी से शुक्रवार को प्लांट की 250-250 मेगावाट की 10 व 11 नंबर इकाई का लोड घटाकर 215-215 मेगावाट कर दिया गया है। शुक्रवार को 1330 मेगावाट क्षमता के सतपुड़ा पॉवर प्लांट से महज 835 मेगावाट के आसपास बिजली उत्पादन हुआ। जबकि प्रदेश में सुबह के समय 8 हजार मेगावाट से अधिक और शाम के वक्त 7 800 मेगावाट तक डिमांड रह रही है।

इनका कहना
कोल स्टॉक 20 हजार मीट्रिक टन के आसपास है। वेकोलि से खपत के अनुरूप कोयला नहीं मिल रहा। पहले 6 और अब 7 नंबर इकाई कोयले की कमी से बंद करनी पड़ी है। बाकी इकाइयों का भी लोड घटाया गया है।
वीसी टेलर, पीआरओ, सतपुड़ा सारनी