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जम्मू कश्मीर में तैनात जवान को आदिवासी रीति रिवाज से दी अंतिम विदाई

परिजनों ने कहा...तीन भाईयों के बीच अकेला था कमाने वाला

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The dead body of the jawan reached the village.

The dead body of the jawan reached the village.

भौंरा। जम्मू कश्मीर के बारामूला सेक्टर में तैनात एक जवान की शनिवार को इलाज के दौरान दिल्ली में सेना के अस्पताल में मौत हो गई। जिसका पार्थिक देह रविवार सुबह गृह ग्राम धासई पहुंचा। जिसकी राज्यकीय सम्मान के साथ सुबह अंत्येष्टि की गई। ग्राम पंचायत धपाड़ा के ग्राम धासई निवासी जयराम उइके एसएसबी में वर्ष 2013 में भर्ती हुआ था, जो जम्मू कश्मीर के बारामूला में पदस्थ था। पिछले दो माह से बीमार होने के कारण दिल्ली में सेना के अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान शनिवार को जयराम की मौत हो गई। जयराम के पार्थिक देह को सेना द्वारा दिल्ली से भोपाल तक हवाई जहाज से लाया गया। जहां से सड़क मार्ग से शव रविवार सुबह चार बजे ग्राम धासई पहुंचा।


राजयकीय सम्मान के साथ जवान को किया विदा
सुबह करीब आठ बजे राजयकीय सम्मान के साथ में जयराम का अंतिम संस्कार किया गया है। चोपना थाने के एसआई अर्जुन सिंह उइके ने बताया कि सुबह जवान का शव पहुंचा था। जिसका राजयकीय सम्मान के साथ में अंत्येष्टि की गई। अंत्येष्टि के लिए बारामूला से करीब 15 जवान भी धासई पहुंचे थे, जिन्होंने मृतक जवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। बाद में जवान का आदिवासी रीतिरिवाज से अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान चोपना थाने से एसआई अर्जुन सिंह उइके, आरक्षक सतीश सहित थाने का स्टॉफ सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।


तीन भाईयों में अकेला कमाने वाला था
धासई निवासी रामकृष्णा कुमरे ने बताया कि जयराम बचपन से ही होनहार था। जयराम की करीब तीन वर्ष पहले ही शादी हुई है। उसका एक डेढ़ वर्ष का बेटा भी है। बताया जा रहा है कि जयराम दो माह पहले छुट्टी पर घर आया था। इस दौरान उसकी तबीयत खराब हो गई थी। जिसका उन्होंने यहा पर भी इलाज कराया था। ठीक होने पर वापस बारामूला लौट गया था। अचानक फिर से तबीयत खराब होने पर सेना के अधिकारियों ने इलाज के लिए दिल्ली अस्पताल में भर्ती कराया था। वहीं घर में जयराम अकेला कमाने वाला था। जयराम का बड़ा भाई मजदूरी करता है। वहीं छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है।