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शादी की पत्रिका पर खास संदेश, हर कोई कह रहा वाह

बैतूल जिले के मुलताई तहसील के हिवरखेड़ निवासी गावंडे परिवार ने शादी की पत्रिका में यह लिखाया, लोगों में चर्चा का विषय बनी

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इस विवाह में दहेज प्रथा पूर्णत: प्रतिबंधित है, मुलताई तहसील के हिवरखेड़ निवासी गावंडे परिवार ने शादी की पत्रिका में यह लिखाया है

बैतूल. शादी का जिक्र हो और दहेज की बात नहंीं हो तो अजीब लगता है। हर शादी मेें लोग अपनी यथाशक्ति अनुसार दुल्हन को भेंट करते हैं, लेकिन शादी से पहले ही पत्रिका में यह लिख दिया जाए कि इस विवाह में दहेज प्रथा पूर्णत: प्रतिबंधित है तो आश्चर्य जरुर होगा है। लेकिन यह सच है। बैतूल जिले के मुलताई तहसील के हिवरखेड़ निवासी गावंडे परिवार ने शादी की पत्रिका में यह लिखाया है। यह पत्रिका लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई है। गावंडे परिवार ने बताया कि शादी की पत्रिका में इस विवाह में दहेज प्रथा पूर्णत: प्रतिबंधित लिखवाने सभी समाज के लोगों को संदेश पहुंचाना है।

23 जून को है शादी
गावंडे परिवार में सुभाष गावंडे की शादी आराधना उर्फ भावना से 23 जून को होने जा रही है। बैतूल में विवाह समारोह का आयोजन होगा। इसके पहले मुलताई तहसील के हिवरखेड़ ग्राम में ही टीका कार्यक्रम 18 जून को रखा गया है। गावंडे परिवार ने टीका कार्यक्रम का भी कार्ड छपवाया है। इस कार्ड में यह संदेश लिखा गया है कि इस विवाह में दहेज प्रथा पूर्णत: प्रतिबंधित है। सुभाष गावंडे ने बताया कि दोनों की अरेंज मैरिज है। दोनों ही पढ़े लिखे हैं। बताया जाता है कि सुभाष ने एमबीए की पढ़ाई की हे और आराधना ने एमटेक किया गया है। सुभाष और आराधना ने ही मिलकर समाज को संदेश देने के लिए एक नई पहले शुरू की है।

एक नई पहल की शुरूआत
सुभाष गावंडे ने बताया कि शादी में दहेज प्रथा को प्रतिबंधित कर समाज को संदेश देने के लिए एक नई पहल की शुुरुआत करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि इस संदेश से समाज के अन्य युवा तो भी प्रेरित होंगे ही साथ में अन्य समाज के युवाओं यह संदेश पहुंचने से इससे प्रेरित हो ताकि वह भी अपनी शादी की पत्रिका में इस विवाह में दहेज प्रथा पूर्णत: प्रतिबंधित है साथ ही दहेज देने और लेने वाली प्रथा को समाप्त कर सकें। इसके अलावा शिक्षा को बढ़ावा देंगे। उन्होंने बताया कि दहेज के कारण पढ़ी लिखी गरीब बेटियों को अच्छा घर नहीं मिल पाता है। जिससे इन बेटियों का भला होगा। दहेज के कारण परिवार बर्बाद होने से भी बच जाएंगे। दहेज को समाप्त करने के लिए सुभाष ने अन्य युवाओं से भी अपील की है।