भदोही. सुप्रीम कोर्ट के चार जजों के प्रेस कांफ्रेस कर न्यायपालिका पर सवाल खड़े करने के बाद जहां देश में हड़कंप मच गया था वहीं अब इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज वरिष्ठ जज सुधीर अग्रवाल ने न्याय की गति पर सवाल खड़े किये हैं। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था ‘सिर्फ तारीख पर तारीख’ वाली फिल्म की डायलाग सब साबित हो रही है।
भदोही जिले के पुरवां गांव स्थित शक्तिपीठ अजोरा माता धाम में शुरू हुए अजोरा महोत्सव में शामिल होने पहुंचे इलाहाबाद के हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज सुधीर अग्रवाल लोगों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा और कानून व्यवस्था पर खुल कर बोले। इस दौरान वह न्याय व्यवस्था पर बोलने से खुद को न रोक सके। कहा कि आज की न्याय व्यवस्था सिर्फ तारीख की बुनियाद पर टिकी है। हर अदालतों में मामले लंबित पड़े हैं और जज को फाइल देखने का समय ही नहीं मिलता और एक फिल्म के डायलाग की तरह वादकारियों को मिलती हैं तो सिर्फ तारीख पर तारीख और यह हमारे लिए गर्व की बात नहीं। कहा कि निचली अदालतों में जुडिशियरी के चालीस फीसदी पद रिक्त चल रहे है।
यही हाल शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था का भी है। सरकारी स्कूलों में शिक्षक की, पुलिस महकमें में पुलिसकर्मियों की और सरकारी अस्पतालों मे डॉक्टर तक की कमी बनी हुई है। न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने कहा कि अगर अपराधियों को जल्दी सजा मिलेगी तो अपराध कम होगा। उंन्होने कहा कि समाज मे चार व्यवस्थाएं प्रमुख शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून और न्याय में समुचित सुधार हो जाय तो समाज की वास्तविक उन्नति होगी।