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आपके घर के बाहर न बजे बैंड, इसलिए नियमित जमा करें टैक्स

नगर निगम इन दिनों टैक्स वसूली पर जोर दे रहा है। उसे रोजाना दो करोड़ रुपए की वसूली का लक्ष्य मिला है। हालांकि, वसूली एक से सवा करोड़ हर रोज ही हो पा रही है। पिछले वित्तीय वर्ष में निगम ने रिकॉर्ड 493 करोड़ रुपए की वसूली की थी।

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भोपाल. नगर निगम इन दिनों टैक्स वसूली पर जोर दे रहा है। उसे रोजाना दो करोड़ रुपए की वसूली का लक्ष्य मिला है। हालांकि, वसूली एक से सवा करोड़ हर रोज ही हो पा रही है। पिछले वित्तीय वर्ष में निगम ने रिकॉर्ड 493 करोड़ रुपए की वसूली की थी। जिसमें सबसे ज्यादा 220 करोड़ रुपए प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में आए थे। इस वित्तीय वर्ष में भी संपत्तिकर के रूप में प्रतिमाह 20 करोड़ रुपए वसूलने का लक्ष्य है।

कर रहे बकायादारों को आगाह
मार्च के महीने में कुर्की और डुग्गी पिटवाने, घर के सामने बैंड बजवाने जैसी नौबत न आए इसलिए नगर निगम ने अपनी आर्थिक हालत सुधारने के लिए अभी से टैक्स वसूली पर जोर दिया है। नियमित रूप से टैक्स जमा करने की आदत विकसित करने के साथ ही कैंप लगाए जा रहे और बड़े बकायादारों को आगाह किया जा रहा है। नोटिस भेजने की भी तैयारी है।

ईमानदारी से टैक्स जमा हो 800 करोड़ हो आय
पिछले वित्तीय वर्ष में टैक्स वसूली के लक्ष्य का 60 प्रतिशत तक जमा हो पाया था। राष्ट्रीय,राज्य स्तरीय सरकारी संस्थान, बड़े कॉलोनाइजर्स और निजी संस्थान ईमानदारी से टैक्स दें तो निगम की कमाई 800 करोड़ रुपए के पार हो सकती है। पिछले वित्तीय वर्ष में 493 करोड़ रुपए कुल टैक्स वसूला गया था।

अतिरिक्त आय से मिलेंगी सुविधाएं
निगम के खाते में 350 करोड़ रुपए तक अतिरिक्त आय होने से शहर में क्षेत्रीय स्तर पर सड़क, नाली, गली के साथ ही स्ट्रीट लाइट की स्थिति बेहतर हो सकती है।

टैक्स देने वाले क्षेत्रों में ज्यादा विकास
नगर निगम का नियम है कि संपत्तिकर का 50 फीसदी वार्ड में खर्च होगा। इसलिए जोन 13 नर्मदापुरम रोड से लेकर जोन 18 कोलार, जोन 14 भेल, जोन 10 दस नंबर अरेरा में विकास की स्थिति बेहतर है। यहां के पार्षदों को विकास की ज्यादा राशि मिलती है।
यहां कम विकास
पुराने शहर से जुड़े जोन तीन, जोन चार, जोन पांच और अन्य में वसूली की कमजोर स्थिति है। इसलिए यहां के रहवासियों को जरूरी विकास के लिए राशि नहीं मिल पाती।
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नगर निगम पूरी तरह से टैक्स वसूली की कोशिश कर रहा है। लक्ष्य भी तय किए गए हैं। बकायादारों का भी फर्ज है कि निगम का टैक्स समय पर दें। इससे शहर विकास के लिए ज्यादा राशि मिलेगी।
पवनकुमार सिंह, अपर आयुक्त राजस्व
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पिछले वित्तीय वर्ष में वसूली
220 करोड़ रुपए प्रॉपर्टी टैक्स से
33.59 करोड़ कंपाउंडिंग फीस के
४६ करोड़ शॉप किराया
13.५४ करोड़ बिल्डिंग परमिशन फीस
०८ करोड़ होर्डिंग चार्ज
२.५ करोड़ पार्किंग चार्ज
०१ करोड़ सीवेज चार्ज में
493 करोड़ रुपए कुल टैक्स वसूला
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भोपाल नगर निगम पर कर्ज
60.०१ करोड़ का कर्ज इंडियन बैंक और केनरा बैंक से
२६ करोड़ का कर्ज हुडको से
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