भदोही. भदोही में कथित तौर पर एक दिन पहले सैकड़ों दलितों द्वारा बौद्ध धर्म अपनाने की खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया, लेकिन जब अधिकारी मामले की जांच करने मौके पर पहुंचे तो दलितों ने अचानक धर्मांतरण से इनकार कर दिया। दलितों के मुताबिक वे करीब बीस वर्षो से बौद्ध धर्म को मान रहे हैं इसमें एक दिन पूर्व धर्मांतरण करने की बात सही नहीं है। यह पूरा मामला गोपीगंज काेतवाली क्षेत्र के कसिदहां गांव की है। मामले की जांच रिपोर्ट अधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी को भेजी जायेगी। यहा पूरा मामला जिला मुख्यालय के लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित कसिदहां गांव का हैं जहां उस गांव में दलितों की लगभग दो हजार के आस पास जनसंख्या है।
इस गांव के दलितों को लेकर कथित तौर पर यह खबरे सामने आई कि इस गांव के करीब तीन सौ से अधिक की संख्या में दलितों ने खुद की उपेक्षा और उत्पीड़न आदि का आरोप लगाते हुए बौद्ध धर्म अपना लिया आैर देवी देवताओं की तस्वीरों को नहर में विसर्जित कर दिया। यह खबर एक समाचार पत्र में भी प्रकाशित हुई। जिसके बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया।
मामले में शासन से लगातार जिला प्रशासन द्वारा मामले की रिपोर्ट मांगी जाने लगी। आनन फानन में मौके पर एडीएम न्यायिक, एसडीएम ज्ञानपुर, इंस्पेक्टर भदोही मामले की जांच करने गांव में पहुंचे तो वहां दलितों ने अचानक धर्म परिवर्तन किए जाने से इंकार कर दिया। दलितों ने बताया कि वे बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर को मानते हैं और उनके बताये रास्तों पर चलते हैं इसलिए लगभग बीस वर्षो से बौद्ध धर्म से जुड़े हुए हैं। इस दौरान मौके पर भाजपा के जिलाध्यक्ष हौसिला प्रसाद पाठक भी मौके पर पहुंच गए। जहां सबके सामने दलितों ने विकास से संबंधित समस्याओं के बारे में बताते हुए उसके निस्तारण की मांग की। दलितों की मांग है कि उनके बस्ती में पेयजल की व्यवस्था के साथ आवास व सोलर लाइटों की व्यवस्था कराई जाय। साथ ही प्राथमिक विद्यालय में खराब हैंडपंप को जल्द ठीक कराया जाए।
input- महेश जायसवाल