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इंटरनेशनल अवार्ड में जयपुर और भदोही की कालीन डिजाइन का दबदबा

जयपुर की दो भदोही की एक कालीन डिजाइन फाइनल राउंड में चयनित

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bhadohi corpet industry

जयपुर की दो भदोही की एक कालीन डिजाइन फाइनल राउंड में चयनित

भदोही. भारतीय हस्तनिर्मित कालीन निर्यात के साथ साथ डिजाइन के मामलों में भी प्रतिद्वंद्वी देशों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। इसका प्रमाण जर्मनी में होने वाले इंटरनेशनल कारपेट डिजाइन अवार्ड में देखने को मिला है जहां राजस्थान के जयपुर के दो कालीन निर्माताओं और उत्तर प्रदेश के भदोही के एक कालीन निर्माता की कालीन डिजाइन फाइनल राउंड में चयनित हुई है। इसमे से एक कालीन को बेस्ट मॉडर्न डिजाइन सुपीरियर का अवार्ड मिलेगा।

इस अवार्ड प्रतियोगिता में देश के 60 से अधिक देशों के बीच कड़ा कम्पटीशन देखने को मिलता है। अलग अलग आठ श्रेणियों में दिये जाने वाले इस अवार्ड को कारपेट इंडस्ट्री का ऑस्कर माना जाता है। जर्मनी के हनोवर शहर में 10 जनवरी से इंटरनेशनल कार्पेट फेयर का आयोजन हो रहा है। इसमे भाग लेने के लिए देश से सैकड़ो कालीन निर्यातक रवाना हो चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगने वाले इस फेयर को विश्व का सबसे बड़ा कार्पेट फ्लोर कवरिंग का फेयर माना जाता है।

इस फेयर में 60 से अधिक देशों के 1400 से अधिक एग्जीबिटर्स भाग लेते हैं। फेयर में डोमोटेक्स कार्पेट डिजाइन अवार्ड भी आयोजित होता है जिसमे अलग अलग आठ श्रेणियों में विश्व की बेहतरीन कालीन डिजाइन को अवार्ड दिया जाता है। इस वर्ष इस डिजाइन अवार्ड में भारत की तीन कालीनों का चयन बेस्ट मॉडर्न डिजाइन सुपीरियर के लिए हुआ है जिसमे राजस्थान के जयपुर की जयपुर रग्स और चौधरी एक्सपोर्ट और उत्तर प्रदेश के भदोही की आर्ट पैलेस की डिजाइन का फाइनल राउंड में चयन किया गया है। जयपुर रग्स की डिजाइन Stairmaze में विश्व धरोहर जयपुर की सुंदरता और बहनके वास्तुकला को प्रदर्शित किया गया है।

वहीं चौधरी एक्सपोर्ट की डिजाइन शिबुया में जापान की राजधानी टोक्यो के उत्थान गुणों और वहां के रंगों को प्रदर्शित किया गया है। भदोही के आर्ट पैलेस की डिजाइन में टूटे कांच से बने चेहरे को प्रदर्शित किया गया है और इस कालीन में तिब्बती उन का प्रयोग किया गया है जो पूरी तरह हस्तनिर्मित होता है। गौरतलब हो कि विदेशों में भारत से दस हजार करोड़ से अधिक की कालीनों का निर्यात होता है।

अपने डिजाइन में किये जा रहे बेहतरीन प्रयोगों के कारण लगातार हस्तनिर्मित कालीन के निर्यात में बढोत्तरी हो रही है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में भरतीय कालीन डिजाइन का चयन होना कालीन उद्योग के लिए गर्व की बात है। इस अवार्ड के एलान 12 जनवरी को किया जाएगा जिसके बाद कोई एक डिजाइन अवार्ड मिलेगा।