
कारपेट एक्सपो 2018
भदोही/वाराणसी. यूपी के वाराणसी स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल में 21 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार दिवसीय इंडिया कारपेट एक्सपो का करेंगे पीएम वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये करेंगे। इस कालीन मेले में 40 देशों के 300 से ज्यादा आयातक आएंगे तो 270 कालीन निर्यातक अपने उत्पाद को प्रदर्शित करेंगे। पीएम बनने के बाद नरेंद्र मोदी पहली बार कालीन मेले का उद्घाटन कर रहे हैं, जिससे उद्योग को उम्मीद है की पीएम करपेट इंडस्ट्री के साथ भदोही क्षेत्र के लिए कई सौगात दे सकते हैं। कालीन का निर्यात बढ़ाने के उद्देश्य से कार्पेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउन्सिल हर साल भारत सरकार के सहयोग से कालीन मेले का आयोजन करती है। इस बार 21 से 24 अक्टूबर तक कालीन मेले का आयोजन वाराणसी के दीनदयाल हस्तकला संकुल में किया जा रहा है।
वाराणसी में यह 14 वां कालीन मेला है। इस वर्ष सबसे खास बात यह है की इस मेले का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये करेंगे वही मेले में वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी समेत कई अधिकारी मौजूद रहेंगे। पीएम उद्घाटन के दौरान कालीन उद्योग को कई सौगात भी दे सकते हैं क्योंकि यह एक ऐसा उद्योग है जो सालाना देश से 10 हजार करोड़ से ज्यादा का एक्सपोर्ट करता है और इसमें लाखों बुनकरों की आजीवका चलती है। ऐसे में उद्योग से जुड़े लोगों को उम्मीद है की पीएम कालीन उद्योग के साथ भदोही-मिर्ज़ापुर परिक्षेत्र के कालीन उद्योग को कई सौगात दे सकते हैं। कार्पेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउन्सिल के अध्यक्ष महावीर प्रसाद ने प्रेस वार्ता कर बताया है कि प्रधानमंत्री का कालीन मेले का उद्घाटन करना उद्योग के लिए बहुत बड़ी बात है और उन्हें उम्मीद भी है की पीएम उद्योग के बेहतरी की लिए ठोस कदम उठाएंगे।
उन्होंने बताया कि दीनदयाल हस्त कला संकुल बड़ा लालपुर में होने वाले इंडिया कार्पेट एक्सपो में 6000 वर्ग मीटर में 270 निर्यातक अलग अलग तरह की डिजायन, क्वालिटी और खूबसूरत रंगबरंगी कालीनों को प्रदर्शित करेंगे। 40 देशों से 300 से ज्यादा बायर्स इस मेले में आ रहे है जिसमे बड़ी संख्या ऐसे आयातकों की है जो पहली बार कालीन मेले में आएंगे जिससे कालीन कारोबारियों को उम्मीद है की इस वर्ष कई करोड़ के आर्डर मिलेंगे और साथ ही तमाम कालीन निर्माता देश ऐसे हैं जो मशीन मेड कालीन का निर्माण करते हैं। अब विदेशी बाजारों में हस्त निर्मित कालीन की डिमांड बढ़ी है, क्योंकि हस्त निर्मित कालीन टिकाऊ और बेहत ही खूबसूरत होती है ऐसे में उद्योग को उम्मीद है की निर्यात और बढ़ेगा। कालीन नगरी भदोही हस्त निर्मित कालीनों के लिए पूरे विश्व में पहचानी जाती है ऐसे में यहाँ के लोगो को इस मेले में खासा उम्मीदे है।
By Mahesh jaiswal
Updated on:
21 Oct 2018 08:46 am
Published on:
21 Oct 2018 08:46 am
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