भारत और अमरीका के रिश्तों में इन दिनों टैरिफ को लेकर खटास साफ़ नज़र आ रही है। अमरीका ने भारत के कई निर्यात उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाया तो भारत भी ट्रंप की प्रेशर पॉलिटिक्स के आगे झुकने को तैयार नहीं हैं। लेकिन अब इन तनाव भरे हालात में उम्मीद की किरण जगी है। अमरीकी से टैरिफ टेंशन के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात हो सकती है। जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी अगले महीने अमरीका के दौरे पर जा सकते हैं, जहां वे न्यूयॉर्क सिटी में होने वाली UNGA यानी यूनाइटेड नेंशस जनरल असेंबली की बैठक में शामिल होंगे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच अलग से बैठक तय हो सकती है। जिसमें व्यापार विवाद सुलझाने और संभावित ट्रेड डील पर चर्चा हो सकती है। भारत को उम्मीद है कि टैरिफ विवाद का हल निकालकर दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दी जा सकेगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, न्यूयॉर्क में सितंबर में UNGA शिखर सम्मेलन होने जा रहा है। इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जा सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी का UNGA में भाषण 26 सितंबर की सुबह निर्धारित है, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप 23 सितंबर को संबोधित करेंगे.. इस दौरान उनकी मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हो सकती है। ये बैठक 23 से 27 सितंबर के बीच होने की संभावना है। इस सम्मेलन के लिए दुनियाभर के कई बड़े नेता न्यूयॉर्क पहुंचेंगे। ऐसे में पीएम मोदी अन्य वैश्विक नेताओं के साथ भी उच्च स्तरीय बैठकें कर सकते हैं। जिसमें यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से भी मुलाकात हो सकती है। इसे देखते हुए ये मुलाकात कूटनीतिक नजरिए से अहम मानी जा रही है। हालांकि, अभी तक इस दौरे की कोई आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है।
इससे पहले पीएम मोदी इसी साल फरवरी में अमरीका गए थे… जहां पीएम मोदी ने व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात की थी। दोनों ही इस बात पर भी सहमत हुए थे कि ट्रेड की महत्वाकांक्षा को साकार करने के लिए उन्हें नए निष्पक्ष व्यापार नियमों की आवश्यकता होगी और उन्होंने इसी साल पारस्परिक रूप से लाभकारी, बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण पर बातचीत करने की योजना की घोषणा भी की थी। हालांकि अब परिस्थितियां बदल चुकी है। भारत और अमरीका के बीच टैरिफ विवाद सुलझने में कई पहलुओं की भूमिका होगी। इनमें रूस यूक्रेन युद्ध और दूसरा भारत-अमरीका व्यापारिक समझौता शामिल हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के मोर्चे की बात करें तो भारत की नजर 15 अगस्त को अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात पर होगी। ट्रंप और पुतिन के बीच मुलाकात के पहले ही पीएम मोदी ने व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की से बात की है।
आपको बता दें, रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत और अमरीका में तनाव बढ़ता जा रहा है। अमरीका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने का फैसला किया है. इस फैसले के तहत 25 फीसदी टैरिफ लागू हो चुका है और बाकी 25 फीसदी जल्द लागू होगा। टैरिफ विवाद के बाद ट्रेड डील भी अधर में लटकी है। इसके चलते भारत के व्यापारियों को भी काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। भारत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इन इन कदमों को अनुचित और तर्कहीन बताते हुए विरोध जताया है. प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी समझौते में किसानों के हितों से समझौता नहीं होगा। तो क्या मोदी-ट्रंप की ये मुलाकात टैरिफ टकराव को खत्म कर देगी… या फिर मतभेद और गहराएंगे? नज़रें अब अगले महीने के न्यूयॉर्क शिखर सम्मेलन पर हैं।