
railway hospital
भरतपुर. (West-Central Railway) के कोटा डिवीजन का भरतपुर स्टेशन इस लाइन मुख्य रेलवे स्टेशन है। उत्तर-मध्य रेलवे की लाइन गुजरने से इसकी महत्वता और बढ़ जाती है। इस वजह रेलवे कर्मचारी व उनके परिवारों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी भरतपुर में संचालित रेलवे स्वास्थ्य इकाई पर बनी हुई है। इसकी वजह ये है कि कोटा लाइन पर ही बयाना जंक्शन पर दूसरी यूनिट में चिकित्सक नहीं है। यहां रेलवे की तरफ से कई बार कांट्रेक्ट चिकित्सक लगाए हैं लेकिन उनके बीच में छोडऩे से समस्या जस की तस बनी हुई है। उधर, (North central railway) के आगरा लाइन पर अछनेरा में तो लम्बे अर्से से चिकित्सक का पद रिक्त चल रहा है। इससे ज्यादातर रेलवे कर्मचारी व परिवार के सदस्य भरतपुर स्वास्थ्य इकाई पर इलाज कराने के निर्भर हैं। इनकी संख्या करीब दस हजार के आसपास है। इस वजह स्वास्थ्य इकाई पर अतिरिक्त भार बना हुआ है।
बयाना यूनिट पर 6 माह से पद रिक्त
(Bayana junction) की स्वास्थ्य इकाई पर करीब छह माह से चिकित्साधिकारी का पद रिक्त बना हुआ है। चिकित्सक नहीं होने से इस यूनिट पर सप्ताह में तीन दिन भरतपुर या दूसरे स्थान से चिकित्सक की ड्यूटी लगती है। इमरजेंसी ड्यूटी अलग है। बयाना में पहले कॉन्ट्रेक्ट पर चिकित्सक रखा था लेकिन दो से चार माह कार्य करने के बाद ये चले जाते हैं। कोटा मण्डल में स्थाई अतिरिक्त चिकित्सक नहीं होने से बयाना स्वास्थ्य इकाई से जुड़े कर्मचारी व उनके परिजनों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इन्हें भरतपुर यूनिट पर आकर स्वास्थ्य जांच करानी पड़ती है।
अकेले भरतपुर में 1200 कर्मचारी
रेलवे कर्मियों की बात करें तो अकेले भरतपुर में ही करीब 1200 कर्मचारी है और इनके करीब 5 हजार परिवार के सदस्य हैं। इसके अलावा 341 रिटायर्ड कर्मी और उनके फैमिली मेम्बर 784 हैं, जो भरतपुर की स्वास्थ्य इकाई से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा बयाना जंक्शन के 450 कर्मचारी व उनके परिवार के 2 हजार सदस्यों को भी भरतपुर यूनिट के चिकित्सक ही संभालते हैं। वहीं, दूसरे उत्तर-मध्य रेलवे जोन के आगरा डिवीजन के अछनेरा स्टेशन के कर्मचारी भी नजदीक होने से भरतपुर इकाई पर स्वास्थ्य जांच कराने आते हैं।
मण्डल चिकित्साधिकारी का कार्य क्षेत्र
भरतपुर स्वास्थ्य इकाई पर कार्यरत मण्डल चिकित्साधिकारी के क्षेत्र में कैलादेवी से मुड़ेसी रामपुर का करीब 66.89 किलोमीटर का इलाका आता है। इसमें (Mathura) की तरफ से मुड़ेसीरामपुर, जाजम पट्टी, धौरमुई जघीना, भरतपुर, सेवर, पिंगौरा, कैलादेवी स्टेशन शामिल है। इसके अलावा भरतपुर यूनिट के चिकित्साधिकारी प्रतिदिन इमरजेंसी 2 से 3 ट्रेन कॉल अटेंड करते हैं, ये कॉल कभी आ सकती है। उधर, मण्डल चिकित्साधिकारी स्वास्थ्य इकाई भरतपुर के डॉ.सतीश मित्तल ने बताया कि बयाना यूनिट में चिकित्सक का पद रिक्त होने से भरतपुर इकाई से उनकी ड्यूटी लगती है। भरतपुर यूनिट पर डब्ल्यूसीआर जोन के अलावा भी एनसीआर जोन के कर्मचारी व उनके परिजन इलाज के लिए आते हैं।
Published on:
03 Jul 2019 08:09 am
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