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ईंट भट्टों पर 15 करोड़ कच्ची ईंट, करोड़ों का नुकसान

एनसीआर में शामिल भरतपुर जिले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर करीब 150 ईट भट्टा बंद होने से जहां श्रमिकों को दो जून की रोजी-रोटी की चिंता सताने लगी।

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ईंट भट्टों पर 15 करोड़ कच्ची ईंट, करोड़ों का नुकसान

ईंट भट्टों पर 15 करोड़ कच्ची ईंट, करोड़ों का नुकसान

भरतपुर. एनसीआर में शामिल भरतपुर जिले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर करीब 150 ईट भट्टा बंद होने से जहां श्रमिकों को दो जून की रोजी-रोटी की चिंता सताने लगी। दूसरी ओर ईंट भट्टा व्यापारी भी अपने आप को असहाय महसूस करता नजर आ रहा। ईंट भट्टा शुरू नहीं होने पर श्रमिकों को रोजी-रोटी के लिए पलायान करना पड़ेगा। वहीं व्यापारियों को भी करोड़ों रुपए का नुकसान होना संभव है।

18 दिसम्बर के बाद ईंट भट्टा शुरू होने की उम्मीद में श्रमिक कच्ची ईंट थपाई कार्य चल रहा है। इसके चलते जिले में संचालित 150 ईंट भट्टों पर अनुमानित 15 करोड़ से अधिक कच्ची ईंट बनी हुई हैं। ईंट भट्टा शुरू नहीं होने पर जहां कच्ची ईंट अनुपयोगी साबित होगी। वहीं प्रत्येक व्यापारी को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।


रॉयल्टी व मजदूरी पर खर्चा


ईंट भट्टों पर कच्ची ईंट थपाई के लिए खनिज विभाग को करीब तीन लाख रुपए (प्रत्येक ईंट भट्टा) रॉयल्टी जमा हुई। बाद में मिट्टी, रेत, पानी, मजदूरी, बिजली पर राशी खर्च कर कच्ची ईंट का निर्माण कार्य शुरू हुआ। श्रमिक व व्यापारियों की मानें तो एक हजार कच्ची ईंट का निर्माण करने में करीब 1000 हजार रुपए की राशी खर्च हुई। ऐसे में अगर ईंट भट्टों के पक्ष में निर्णय नहीं हुआ तो ईंट भट्टा व्यापारियों को रॉयल्टी राशी से अलग करोड़ों रुपए का नुकसान होगा।


निर्माण कार्यो पर पड़ेगा असर


जिलें में ईंट भट्टा बंद होने का असर निर्माण कार्यों पर भी होगा। जब ईंट भट्टों पर ईंट कम होने से महंगाई का सामना करना पड़ेगा। वर्तमान में ईंट भट्टों पर 4000 से 4500 रुपए (एक हजार ईंट) के बीच बिक्री हो रही है। ईंट भट्टा बंद होने पर मंहगी ईंट खरीदना मजबूरी होगी।

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