22 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सात साल के मासूम की कर दी थी निर्मम हत्या, अब मिला न्याय

साढ़े पांच साल बाद मासूम को न्याय, अपहरण कर हत्या के दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास-सेवर के गांव बरसो का था मामला

2 min read
Google source verification
सात साल के मासूम की कर दी थी निर्मम हत्या, अब मिला न्याय

सात साल के मासूम की कर दी थी निर्मम हत्या, अब मिला न्याय

भरतपुर. न्यायालय विशिष्ठ न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट मामलाता की पीठासीन अधिकारी गिरिजा भारद्वाज ने सोमवार को सेवर के गांव बरसो के एक बालक का अपहरण कर हत्या करने के मामले में दोनों आरोपियों को आजीवन कारवास की सजा सुनाई है। मामला करीब साढ़े पांच साल पुराना है। आरोपियों ने सात वर्षीय बालक की बड़ी बेहरमी से हत्या कर दी थी।
परिवादी के अधिवक्ता उदयवीर कसाना ने बताया कि 18 फरवरी 2016 को परिवादी पप्पू ने सेवर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसकी चार संतान अजय, सपना, पिंटू हैं। कपिल की हत्या हो गई थी। 18 फरवरी की घटना से पहले करीब एक सालभर पहले तूफान आया था। परिवादी की पत्नी श्मशान भूमि में बकरी चरा रही थी। तेज अंधड़ से टीन शैड परिवादी की पत्नी पर आकर गिर गया। इसमें उसकी पत्नाी गुड्डी देवी की मौत हो गई। मुख्यमंत्री सहायता कोष से परिवादी व उसके बच्चों को चार लाख रुपए मिले थ। इस रकम का आरोपियों को पता था। रविकरण पुत्र रघुनंदन व तहसीलदार ने सहायता राशि की रकम परिवादी के खाते में दर्ज कराई थी और परिवादी का बैंक खाता भी खुलवाया था। उनकी नजर रकम पर थी। दोनों ने झोंपड़ी में आकर कपिल का अपहरण कर लिया। साथ ही एक लिफाफा परिवादी के पास लेकर आए और कहा कि इसमें लिखा है तुम्हारा बच्चा मेरे पास है। ढाई लाख रुपए लेकर आ जाना। परिवादी ने पुलिस को सूचना दी। आरोपी रवि बच्चे को तलाश करने का नाटक करता रहा। पुलिस ने मामला दर्ज होने के बाद चार्जशीट पेश की। इसमें अभियोजन पक्ष की ओर से 25 गवाह पेश किए गए। प्रत्येक गवाह ने जघन्य हत्याकरण की पुष्टि की। इस प्रकरण में दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास व 25-25 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है।

बक्से में बंद कर जला दिया था बालक

रविकरण ने बालक कपिल को बक्से में बंद करने के लिए उसमें कंची डाल दी। बालक जैसे ही उसे निकालने के लिए झुका तो वैसे ही आरोपी ने बालक को धक्का देकर बक्से में गिरा दिया, उसे बंद कर दिया। उसके बाद कल्याणपुर के जंगल में लाश छिपाने व साक्ष्य नष्ट करने के लिए पेट्रोल छिड़क कर जला दिया। पुलिस ने अधजला शव बरामद किया। परिवादी के बच्चे व उसका डीएनए मैच कराया गया तो वह पॉजिटिव निकला।

कर्जा चुकाने के लिए रचा था षड्यंत्र

उस समय प्रारम्भिक जांच में सामने आया था कि रविकरण पर करीब पौने दो लाख का कर्जा था। उसे पड़ौसी को सरकार की ओर से मिले चार लाख के चेक और खाते में चार लाख रुपए रखे की होने की जानकारी थी। कर्ज को चुकान के लिए उसने कपिल के अपहरण का षड्यंत्र रचा था।