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फीता कटे, तालियां बजी लेकिन लाखों की एडवांस एम्बुलेंस अभी नहीं चल पाई

सड़क हादसों के समय उपचार के लिए एक-एक सेकेण्ड बेशकीमती होता है। इसको देखते हुए गत दिनों जिले में कई अस्पतालों को विधायक कोटे से एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम से सुसज्जित एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई थी।

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फीता कटे, तालियां बजी लेकिन लाखों की एडवांस एम्बुलेंस अभी नहीं चल पाई

फीता कटे, तालियां बजी लेकिन लाखों की एडवांस एम्बुलेंस अभी नहीं चल पाई

भरतपुर. सड़क हादसों के समय उपचार के लिए एक-एक सेकेण्ड बेशकीमती होता है। इसको देखते हुए गत दिनों जिले में कई अस्पतालों को विधायक कोटे से एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम से सुसज्जित एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई थी। लेकिन करीब एक माह होने के बाद भी अभी तक संबंधित अस्पताल ये तय नहीं कर पाए हैं कि इनका संचालन किस तरह करना है। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते तीन दिन पहले वैर इलाके में हुए भीषण हादसे के दौरान जब इस एम्बुलेंस को भेजने के लिए कहा गया तो अस्पताल प्रशासन ने यह कहते हैं मना कर दिया कि अभी एम्बुलेंस संचालन की स्वीकृति नहीं मिली है।


एम्बुलेंस पहुंची लेकिन चालक नहीं आया


सीएचसी वैर में गत दिनों राज्यमंत्री भजनलाल जाटव ने विधायक कोटे से अस्पताल को एडवांस एम्बुलेंस उपलब्ध कराई। राज्यमंत्री ने करीब 25 लाख रुपए कीमत की एम्बुलेंस का गत 24 जून को फीता काटकर उद्घाटन किया। लेकिन उस दिन से अभी तक यह हादसे के समय लोगों को मुहैया नहीं हो पाई है। एम्बुलेंस अस्पताल परिसर में ही खड़ी है। सीएचसी प्रभारी डॉ. प्रवीण चौधरी ने बताया कि नई एम्बुलेन्स के संचालन के लिए चिकित्सा विभाग को पत्र लिखा है। जिसमे एक चालक व बजट की मांग की गई है। लेकिन बजट स्वीकृत न हो पाने की वजह से एम्बुलेंस शुरू नहीं हो पाई है। इसलिए उस दिन एम्बुलेंस को नहीं भेजा गया।


उच्चैन व नदबई को भी मिली एम्बुलेंस


यहां उच्चैन व नदबई अस्पताल को भी क्षेत्रीय विधायक जोगिन्दर सिंह अवाना ने विधायक कोटे से एडवांस एम्बुलेंस मुहैया करवाई है। जिनका गत 21 जून को शुभारंभ किया गया। उच्चैन सीएचसी प्रभारी को 25 लाख की लागत से एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बूलेंस सौंपी गई। लेकिन सीएचसी प्रभारी के पास एम्बुलेंस संचालन के लिए कोई भी गाइड लाइन उपलब्ध नहीं होने से उसका संचालन अधर झूल में लटका पड़ा है। जबकि मौखिक तौर पर एम्बूलेंस पर एक चालक भी नियुक्त कर दिया गया। सीएचसी चिकित्सा प्रभारी डॉ.ओमभारती ने बताया कि एम्बुलेंस संचालन के अभी तक कोई भी गाइड लाइन प्राप्त नहीं हुई हैं। एम्बुलेंस संचालन के लिए गाइड लाइन उपलब्ध कराने के लिए सीएचएमओ भरतपुर को अवगत करा दिया है। डॉ. भारती ने बताया कि घटना दुर्घटनाओं को के लिए 104 एवं 108 संचालित है फिर भी विशेष परिस्थिति में जहां उक्त एम्बुलेंस की आवश्यकता पडऩे पर भेज दिया जाता है।


चार्ज लेने के लिए अभी गाइड लाइन नहीं मिली


बयाना के सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र को भी विधायक अमरसिंह जाटव ने कोटे से एडवांस एम्बुलेंस उपलब्ध करवाई थी। इसका 25 जून का उद्घाटन हुआ। यह एम्बुलेंस अभी तक केवल एक बार ही भरतपुर जाने के लिए इस्तमाल हुई है। चिकित्सा प्रभारी अधिकारी डॉ. जोगेन्द्र गुर्जर ने बताया कि एम्बुलेंस को फिलहाल विशेष परिस्थिति में भेजा जा रहा है। इस पर एक चालक तैनात किया गया है। उन्होने बताया कि मरीजों को ले जाने लाने से सम्बन्धित चार्ज लेने को लेकर उच्चाधिकारियों की ओर से अभी तक कोई निर्देश नही मिले हैं। उच्चाधिकारियों के परामर्श लेकर अस्पताल की मेडिकल रिलीफ सोसायटी की बैठक कर मरीज से चार्ज लेने सम्बन्धित निर्णय लेंगे।


समय पर नहीं पहुंची एम्बुलेंस


वैर इलाके में गत दिनों हुंए सड़क हादसे के दौरान समय पर एम्बुलेंस नहीं पहुंच पाई। जो एम्बुलेंस पहुंची वह भी करीब डेढ़ घंटे की देरी से आई। जिसको लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई थी। अगर समय पर एडंवास सपोर्ट एम्बुलेंस मुहैया होती तो कुछ लोगों की जान बच सकती थी।

- एम्बुलेंस अस्पताल प्रशासन के सुपुर्द कर दिया है। उसका संचालन करने की जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की है। आपातस्थिति में इस्तेमाल होना चाहिए, जिससे गंभीर रोगियों की जान बचाई जा सके।
- भजनलाल जाटव, राज्यमंत्री