21 मार्च 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अवैध बजरी: सुबह घर से बाहर निकलने में लगता है डर

-गीता कॉलोनी के लोग बोले, अब खुद ही लगाएंगे अवैध बजरी के वाहनों पर रोक

3 min read
Google source verification
अवैध बजरी: सुबह घर से बाहर निकलने में लगता है डर

अवैध बजरी: सुबह घर से बाहर निकलने में लगता है डर

भरतपुर. चंबल की बजरी के माफिया व पुलिस के बीच चल रहा तस्करी का खेल अब भी खुलेआम जारी है। जिन मार्गों से होकर धौलपुर से भरतपुर तक चंबल की बजरी पहुंच रही है, उन्हीं थाना इलाकों में पुलिस की नाक के नीचे से बजरी की तस्करी अब भी बेखौफ चल रही है। बजरी माफिया के हौंसले बुलंद और पुलिस माफिया पर कार्रवाई करने के बजाय दूर भाग रही है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका ने 24 जून के अंक में 'टेंशन मत लो...पुलिस का हर महीने करते हैं हिसाब, थाने के सामने से निकलकर घर पहुंचा देंगे बजरीÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था। पत्रिका में लगातार बजरी माफिया व पुलिस की सांठगांठ का खुलासा कर रहा है।
शहर के एमएसजे कॉलेज के पास स्थित गीता कॉलोनी विकास समिति की बैठक रविवार को महेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कॉलोनी से होकर अवैध बजरी व गौवंश से भरे वाहन आए दिन निकल रहे हैं। तेज गति से निकल रहे इन वाहनों से आए दिन हादसे हो रहे हैं। इसलिए नरेंद्र सिंह मकान के पास गार्डर लगाकर खुद ही ऐसे वाहनों को रोकने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि कई बार पुलिस को अवगत कराया जा चुका है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

पुलिस की चुप्पी खड़ा कर रही सांठगांठ का सवाल

अवैध बजरी की तस्करी के मामले में पुलिस अधिकारियों की चुप्पी भी बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। हालांकि तत्कालीन जिला पुलिस अधीक्षक के समय अवैध बजरी माफिया से सांठगांठ के मामले में कुछ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी की गई थी, लेकिन अब दुबारा से बजरी माफिया के साथ सांठगांठ का खेल शुरू हो गया है। जांच और कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। जिन थाने व चौकियों के सामने से होकर अवैध बजरी से भरे वाहन निकल रहे हैं, वहां अवैध वसूली का खुला खेल चल रहा है।

लोग बोले: पुलिस का सिस्टम कमजोर, लेकिन हम खुद नहीं

-अवैध बजरी से भरे हुए ट्रेक्टर ट्रॉली इतनी स्पीड से जाते हैं कि कोई भी दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए प्रशासन की ओर से प्रतिबंध लगाना चाहिए।
भारत भूषण शर्मा, गीता कॉलोनी


-अवैध बजरी का कारोबार रुकना चाहिए। यह मुख्य मार्गों को छोड़कर खेतों एवं कॉलोनियों में घुस रहे हंै। इससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है।
रूपेंद्र चौधरी, गीता कॉलोनी


-अवैध बजरी से भरे हुए ट्रेक्टर ट्रॉली को पुलिस प्रशासन की ओर से रोकना चाहिए। आए दिन घटनाएं हो रही है।
महेशचंद शर्मा, गीता कॉलोनी


-कॉलोनी में आए दिन दुर्घटना होती रहती है। घर के बाहर लगे हुए नल तोड़ जाते हैं। एक दिन तो पेड़ भी तोड़ गए, लेकिन प्रशासन आंख बंद कर बैठा है। कोई कार्यवाही नहीं होती है।
हरभान सिंह, गीता कॉलोनी

-अवैध बजरी का कारोबार रुकना चाहिए। आम सड़क से लेकर गलियों में घुस रहे हैं। इससे दुर्घटना होने का अंदेशा बना हुआ है। पुलिस को इनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
नरेंद्र सिंह, गीता कॉलोनी

-बजरी माफियाओं से आए दिन विवाद होते रहते हैं। आए दिन दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।
अनूप सिंह, गीता कॉलोनी

-इतनी तीव्र गति से आते हैं। हादसे का भय बना रहता है। सड़क की हालत भी क्षतिग्रस्त हो गई है। बच्चों को बाहर निकलने से रुकना पड़ता है। कहीं कोई दुर्घटना न हो जाए।
प्रदीप सिरोही, गीता कॉलोनी

-इतनी तीव्र गति से आते हैं कि कॉलोनी के सड़क पर नल के पाइपों को छोड़ दिया है। आए दिन मजदूर बुलाकर सही कराने पड़ते हैं।
महेंद्र सिंह, गीता कॉलोनी


-अवैध बजरी से भरे हुए ट्रेक्टर ट्रॉली इतनी तीव्र गति से आते हैं कि बच्चे बुजुर्ग को दुर्घटना का डर बना रहता है। सड़क भी क्षतिग्रस्त कर दी है।
सरदार सिंह पहलवान, गीता कॉलोनी निवासी


-गीता नगर कॉलोनी में सारस चौराहे से ही अवैध बजरी से भरे ट्रेक्टर ट्रॉली गलियों में घुस जाते है। तेज गति से निकलने के दौरान आए दिन हादसे होते रहते हैं। प्रशासन आंख बंद कर कर बैठा है।
सुजान सिंह, गीता कॉलोनी