
Bharatpur News : भरतपुर. महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय की कैश शाखा से 24 लाख रुपए से अधिक का कैश गायब हुआ है। रिकॉर्ड का मिलान करने पर इसका खुलासा हुआ है। विवि प्रशासन की ओर से इस संबंध में थाना कुहेर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस मामले में विवि के सहायक कुलसचिव की ओर से दर्ज कराई एफआइआर में कैशियर पर राशि गबन करने का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार बृज विश्वविद्यालय में सेवानिवृत कर्मचारी बिजेन्द्र सिंह कैशियर हैं। पिछले करीब डेढ़ साल के रिकॉर्ड का हाल ही में मिलान किया गया तो उसमें 24 लाख रुपए से अधिक राशि कम निकली।
खास बात यह है कि आलमारी की सभी छह चाबियां कैशियर के पास ही रहती हैं। कैश गायब होने पर विवि प्रशासन ने कई बार कैश रिकॉर्ड का मिलान कराया, लेकिन कैश बुक में सभी की एंट्री है। सभी लेन-देन के बाद विवि के पास नकद कैश नहीं है। विवि प्रशासन का दावा है कि कैश बुक कैशियर के हाथों से ही लिखी गई है। विवि की जिस आलमारी में कैश रखा जाता है, वह 13 क्विंटल की बताई गई है। वह इतनी मजबूत है कि उसे तोड़ा नहीं जा सकता है। खास बात यह है कि आलमारी की छह चाबियां हैं, जो सभी कार्मिक बिजेन्द्र के पास बताई गई हैं। इस मामले को लेकर कैशियर बिजेन्द्र के पुत्र ने आरोप लगाया कि मेरे पिता को जबर्दस्ती विवि परिसर में बिठा लिया गया और उनसे जबर्दस्ती प्रार्थना पत्र लिखवाया गया। हालांकि विवि प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
यह दर्ज कराई एफआइआर
इस मामले में कुम्हेर थाने में अरुण कुमार पांडेय पुत्र भूषण पाण्डेय निवासी रामगढ़ गोरखपुर उत्तरप्रदेश हाल कार्यवाहक कुलसचिव बृज विश्वविद्यालय (Maharaja Surajmal Brij University) ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में कहा है कि 12 जुलाई को विवि की नकद शाखा में उपलब्ध नकदी का भौतिक सत्यापन करने पर कैशबुक में नकद बैलेंस रुपए 24 लाख 75 हजार 65 रुपए के स्थान पर 290 रुपए मात्र पाए गए। अत: नकद रुपए 24 लाख 74 हजार 775 रुपए कम पाया गया। अर्थात रुपए 24 लाख 74 हजार 775 रुपए का गबन होना पाया गया है। विवि के कैशियर बिजेन्द्र सिंह सेवानिवृत राजकीय कार्मिक हैं, जो 2 सितबर 2022 से कैशियर के पद पर कार्यरत हैं। यह राजकीय राशि 24 लाख 74 हजार 775 रुपए का गबन कैशियर बिजेन्द्र सिंह की ओर से कि या गया है। अब
दूसरे पक्ष ने भी कराई एफआइआर
महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय में हुई मारपीट के मामले में अब दूसरे पक्ष ने भी मामला दर्ज कराया है। अब दूसरे पक्ष के देशराज सिंह पुत्र जल सिंह निवासी बैलारा कलां अस्सिटेंट प्रोफेसर ऑफ लॉ बृज यूनिवर्सिटी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि 20 जुलाई को दोपहर करीब ढाई बजे मैं यूनिवर्सिटी में प्रतिदिन की तरह अपना कार्य कर रहा था। मुझे वाट्सएप ग्रुप पर जानकारी मिली कि प्रोफेसर प्रवीण कुमार ने पद से इस्तीफा दे दिया है।
इस पर मैं एकेडमी ब्लॉक में प्रवीण कुमार को इस्तीफा नहीं देने के लिए कहा था, जहां प्रवीण कुमार के साथ पहले से ही संजय सिंह पुत्र सुरेन्द्र सिंह मुय अनुशासन अधिकारी बृज विवि मौजूद था। अचानक संजय सिंह मुझे गालियां देने लगा। मैंने मना किया तो उसने गुस्से में आकर टेबल पर रखा ग्लास मुझे दे मारा, जिससे मेरा सिर फट गया। टूटे कांच से मेरे हाथ में भी चोट आई। इसके बाद मुझे जमीन पर डालकर मेरे पेट, बाजू पर सरिया व लात-घूंसों की चोट मारी। चीख-पुक ार सुनकर दुष्यंत सिंह व दौलत शर्मा ने मुझे बचाया और इलाज के लिए कुहेर अस्पताल लाए, जहां से गंभीर चोट होने के कारण मुझे आरबीएम अस्पताल रैफर कर दिया।
कैशियर ने स्वीकारा, मानी भूल
इस मामले में कैशियर बिजेन्द्र सिंह ने भूल स्वीकार की है। बिजेन्द्र सिंह ने कुलसचिव के नाम लिखे प्रार्थना पत्र में कहा है कि 12 जुलाई को भौतिक सत्यापन के समय तिजोरी में 24 हजार 75 हजार 65 रुपए के स्थान पर शून्य पाया गया। भूलवश यह राशि मेरे व्यक्तिगत उपयोग में आ गई है तथा 24 लाख 75 हजार 65 रुपए तथा अन्य और कोई भी रकम कम पड़ेगी वह मैं शीघ्रताशीघ्र 10-15 दिन में विवि में जमा करा दूंगा।
Published on:
24 Jul 2024 10:21 pm
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