21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नीली, गुलाबी गोली व सीरप से बनाएंगे एनीमिया मुक्त राजस्थान

भरतपुर. प्रदेश को एनीमिया मुक्त और नशा मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार अब जल्द ही एक साथ बड़े पैमाने पर योजना बनाकर कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अब प्रदेश के छह माह से 19 वर्ष तक के बच्चों को नीली, गुलाबी गोली व सीरप के माध्यम से एनीमिया मुक्त बनाएगा। साथ ही नशा मुक्ति अभियान के तहत लोगों को नशा से दूर रहने की शपथ दिलाई जाएगी।

2 min read
Google source verification
bharatpur

medical news

भरतपुर. प्रदेश को एनीमिया मुक्त और नशा मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार अब जल्द ही एक साथ बड़े पैमाने पर योजना बनाकर कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अब प्रदेश के छह माह से 19 वर्ष तक के बच्चों को नीली, गुलाबी गोली व सीरप के माध्यम से एनीमिया मुक्त बनाएगा। साथ ही नशा मुक्ति अभियान के तहत लोगों को नशा से दूर रहने की शपथ दिलाई जाएगी। नशा के गिरफ्त में आए लोगों का सही उपचार कर उन्हें नशा मुक्त बनाया जाएगा। उक्त दोनों कार्यक्रमों की प्रदेशभर में 29 जनवरी 2019 को शुरुआत होने जा रही है। इनके लिए सभी संबंधित विभाग तैयारियों में जुट गए हैं।


एनीमिया मुक्त राजस्थान
एनीमिया मुक्त बनाने के लिए जल्द चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग एवं अन्य विभाग मिलकर कार्य करेंगे। विफ्स एवं एनआईपीआई कार्यक्रम के तहत टेबलेट एवं सिरफ की विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में उपलब्धता कराई जाएगी और इस संबंध में आमजन को जागरूक किया जाएगा।
आईएफए नीली गोली की सप्लाई: राजकीय विद्यालयों में 10-19 वर्ष यानी कक्षा 6-12वीं एवं विद्यालय नहीं जाने वाली 10-19 वर्ष की किशोरी बालिकाओं के लिये आंगनबाड़ी में सप्लाई की जानी है ।


आईएफए पिंक गोली की सप्लाई: राजकीय विद्यालयों के 01 से 05 वीं कक्षा (बालक बालिकाओं) के लिये सप्लाई की जानी है।


आयरन सिरप की सप्लाई: 06 माह से 05 वर्ष तक के बच्चों के लिये आंगनबाड़ी केन्द्रों को सप्लाई की जानी है।

नशा मुक्ति अभियान
सभी विभागीय कार्यालय, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, आंगनबाड़ी केन्द्र, पुलिस थाने, पंचायती राज संस्थान आदि को तम्बाकू मुक्त एवं नशा मुक्त क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए 29 जनवरी 2019 को नशा मुक्ति अभियान का शुभारम्भ होगा। इसके तहत सभी शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को नशा मुक्ति के लिए सेन्सिटाइज किया जाएगा। इन संस्थाओं के 100 गज के दायरे में नशीले पदार्थों के प्रतिबंध की पालना कराई जाएगी। रात आठ बजे बाद शराब बिक्री प्रतिबंध की पालना सुनिश्चित की जाएगी।



एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान को देखते हुए हमने जिले के सभी स्कूलों व आंगनबाड़ी केन्द्रों पर टेबलेट व दवाई पहुंचवाना शुरू कर दिया है। सभी जगह 25 जनवरी तक दवाइयां भिजवा दी जाएंगी। अभियान का शुभारम्भ 29 जनवरी को होना है।
- डॉ. असित श्रीवास्तव, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, भरतपुर।