
बयाना में आवारा सांड के हमले में एक और मौत
बयाना. आवारा जानवरों का आंतक थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन आवारा सांड लोगों को निशाना बना रहे हैं। मगर जिम्मेदार विभाग का इस ओर ध्यान नहीं होने से लोगों में रोष पैदा हो गया है। ऐसा ही एक मामला रविवार को बयाना के पुलिस थाना सदर के गांव लोहटवाडा (गदहखार) में देखने को मिला है। गांव गदहखार निवासी किसान नादान गुर्जर (56) पुत्र करनसिंह रविवार को सुबह करीब 9 बजे अपने खेतों की खड़ी फसल में पानी देने गया था। इस दौरान आवारा सांडों का एक झुंड खेत में अन्दर घुस आया। जिन्हे भागने के लिए किसान पहुंचा तो इनमें से एक सांड ने किसान को अपने सिंगों पर उठाकर जमीन पर पटक दिया। जिससे किसान नादान गुर्जर बुरी तरह घायल हो गया। जिसे घायल अवस्था में बयाना के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने नादान को मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना पर मृतक किसान के परिजन सहित बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मगर इसके बाद रास्ते में ही ग्रामीणों ने बयाना-हिण्डौन रोड पर गणेश मोड़ के पास शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस थाने के हैड कांस्टेबल नेतराम मीणा ने बताया कि इस घटना के सम्बन्ध में मृतक के भाई ने पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बयाना के रिटायर्ड हैडमास्टर की भी 5 माह पहले सांड ने ली थी जान
कस्बे के भीतरवाड़ी निवासी रिटायर्ड हैड मास्टर मोहनलाल शर्मा की करीब 5 माह पहले एक आवारा सांड ने जान ले ली थी। हैडमास्टर सुबह घूमने गया था कि पीछे से आए आवारा सांड ने उन्हे अपनी सिंगों पर उठाकर जमीन पर पटक दिया। जिसके कारण उनकी मौत हो गई। इस मौत के विरोध में व्यापारियों सहित विभिन्न संगठनों के लोगों ने आवारा सांडों को पकड़वाने के लिए नगर पालिका के खिलाफ मोर्चा खोला गया था। उस समय एक संस्था की ओर से आवारा सांडों को पकड़ने का ठेका लेकर करीब 125 सांडों को गोशाला पहुंचाया गया। मगर इसके बाद संस्था का ठेका खत्म हो गया। जिसके कारण आवारा सांडो का झुण्ड आए दिन बाजारो में घूम रहा है।
घन्टे भर लगा रहा जाम,आश्वासन के बाद समेटा
बयाना-हिण्डौन हाइवे के पास गणेश मोड पर सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। जिसके कारण दोनों ओर से आने जाने वाले वाहनों की कतारे लग गई। सूचना पर एसडीएम अमीलाल यादव व पुलिस अधिकारियों के पहुंचने और ग्रामीणों की समझाइश के बाद करीब घन्टे भर में जाम खोला। इस दौरान एसडीएम अमीलाल यादव ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि आवारा गोवंश को पकड़वाने के लिए सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा। जिसके कारण आवारा गोवंश को पकड़वाकर गोशाला अथवा नंदीशाला में रखा जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।
ग्रामीण बोले- पहले रात की बिजली से परेशान है, और अब आवारा सांड़
ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों को बताया कि पहले ही किसानों को रात के समय बिजली दी जा रही है। इसके अलावा आवारा सांडों का आंतक बढ गया है। वह खेतों में घुसकर खड़ी फसल को उजाड़ रहे हैं। मगर प्रशासन की ओर से किसानों की सुरक्षा को लेकर कोई इन्तजाम नहीं कराये जा रहे है। जिससे अन्नदाता परेशान हैं।
Published on:
14 Jan 2024 10:30 pm
