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अब 16 जून 1992 से पूर्व प्रतिषिद्ध क्षेत्र में बने मकानों के भी मिलेंगे पट्टा

-भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने दी मंजूर

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अब 16 जून 1992 से पूर्व प्रतिषिद्ध क्षेत्र में बने मकानों के भी मिलेंगे पट्टा

अब 16 जून 1992 से पूर्व प्रतिषिद्ध क्षेत्र में बने मकानों के भी मिलेंगे पट्टा

भरतपुर. शहर के कच्चा परकोटे पर कब्जाधारियों के पट्टे मिलने में आ रही एक अड़चन गुरुवार को दूर हो गई। क्योंकि कुछ पत्रावलियां संरक्षक स्मारक के कारण रुकी हुई थी, लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने अब यह साफ कर दिया है कि केन्द्रीय संरक्षित स्मारक/स्थल से 100 मीटर (प्रतिसिद्ध क्षेत्र) की दूर तक 16 जून 1992 तक या इससे पूर्व में बने हुए भवनों के पट्टे जारी किए जा सकते हैं।
प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021 के तहत केन्द्रीय संरक्षित स्मारक/स्थल से 100 मीटर (प्रतिषिद्ध क्षेत्र) में पट्टे जारी करने के संबंध में मार्गदर्शन मांगा गया था। जिसके जबाव में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से बताया गया है कि प्रतिषिद्ध क्षेत्र की दूरी तक 16 जून 1992 तक या इससे पूर्व में बने हुए भवनों का केवल मरम्मत कार्य सक्षम प्राधिकारी की पूर्वानुमति से करने की शर्त पर ही पट्टे जारी किए जा सकते हैं। साथ ही केन्द्रीय संरक्षित स्मारक/स्थल से 100 मीटर (प्रतिषिद्ध क्षेत्र) में खाली भूखंड (जिसपर अभी तक कोई निर्माण कार्य नहीं किया गया है) का पट्टा जारी नहीं करें। क्योंकि इस क्षेत्र में प्राचीन संस्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल एवं अवशेष अधिनियम केतहत नव निर्माण कार्य करने पर पूर्णत: प्रतिबंध है।
अड़चन हुई दूर
नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष इन्द्रजीत भारद्वाज का कहना है कि इस आदेश के तहत सुजान गंगा नहर के चारों ओर बसी हुई आबादी, किले के अंदर, दिल्ली गेट, अनाह गेट फते बुर्ज के आसपास बसी आबादी को फायदा मिलेगा।
नगर निगम आयुक्त बीना महावर का कहना है कि 16 जून 1992 तक या इससे पूर्व बने हुए भवनों के मरम्मत कार्य के लिए प्राधिकारी की मंजूरी की शर्त पर पट्टे जारी किए जा सकते हैं। इसी आधार पर नियमानुसार पट्टे जारी किए जाएंगे।
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निरस्त की गई पत्रावलियों को पुन: बहाल करने की मांग
भरतपुर. कच्चा परकोटा संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मण्डल ने नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन दिया। इसमें केन्द्रीय संरक्षक स्थल से 100 मीटर क्षेत्र में निर्मित भवनों एवं सहयोग नगर, मछली मौहल्ला क्षेत्र की आबादी की भूमि पर काबिज लोगों की निरस्त की गई पट्टे की पत्रावलियों को पुन: बहाल करने की मांग की गई। साथ ही कच्चे डंडे के अधूरे ले आउट प्लान को पूर्ण कराने, नीमदा गेट की बुर्ज को तोडक़र निकाले जा रहे नाले का निर्माण पूर्व के जलाव भराव क्षेत्र में परिवर्तित कर इन स्थानों की मौका रिपोर्ट कराकर पट्टे सीमा अवधि में दिए जाने की मांग की गई।
ज्ञापन में लिखा है कि भरतपुर शहर के कच्चे डंडे पर स्थित भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के संरक्षित स्मारक सूरजपोल तोप 100 फीट एवं दिल्ली दरवाजा, अनाह गेट, फतेह बुर्ज के चारों ओर 100-100 मीटर प्रतिषिद्ध क्षेत्र में 16 जून 1992 से पूर्व निर्मित भवनों के पट्टे के आवेदनों को निगम प्रशासन की ओर से निरस्त किया गया है, उन आवेदनों को जयपुर मंडल भारतीय पुरातत्व विभाग के निर्देशानुसार पुन: बहाल कर पट्टे दिए जाएं।