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नन्हीं उम्र का आरिव, पहचान में माहिर

- इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में शामिल हुआ नाम

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नन्हीं उम्र का आरिव, पहचान में माहिर

नन्हीं उम्र का आरिव, पहचान में माहिर

भरतपुर . अक्सर बच्चे कीड़े-मकोड़े देखकर डरने लगते हैं। यहां तक कि बड़े भी कई बार कीड़ों को देखकर विदक जाते हैं, लेकिन नन्हे आरिव की बात इस मामले में निराली है। अक्सर लोग किसी भी जीव-जंतु को देखकर उसे कीड़ा ही बोल देते हैं, लेकिन आरव उसकी पहचान नाम सहित पलभर में बता देता है। इस अनोखे हुनर के लिए आरिव का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल हुआ है।
आरिव के पिता कैप्टन कॉलोनी निवासी अतुल नारंग बताते हैं कि आरिव की उम्र महज दो साल की थी। तभी उसे इन चीजों से बेहद लगाव था। वह कीड़े-मकोड़ों की पहचान तभी से करने लगा। इसके लिए उसने इंटरनेट की भी मदद ली। उसकी पहचान को देखकर लोग भी हैरत में पड़ जाते हैं। उसकी इस रुचि को देखकर अभिभावकों ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में ऑनलाइन आवेदन किया। इसकी प्रतियोगिता 29 जनवरी को कराई गई। इसमें आरिव ने 3 मिनट 20 सैकिंड में 80 कीड़े-मकोड़ों की पहचान की। अतुल नारंग ने बताया कि इस प्रतियोगिता में देशभर के बच्चों ने भाग लिया। बेहद कम समय में अधिक से अधिक कीड़े-मकोड़ों की पहचान करने पर आरिव का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल किया है।

दीवार पर घूमते कीड़ों की बता देता है पहचान

आरिव के पिता ने बताया कि आरिव एलकेजी में पढ़ता है। कीड़ों को पहचानने में रुचि उसे बचपन से ही है। वह दीवार पर घूमते कीड़ों की पहचान सटीक रूप से बताता है। अक्सर हमें भी इनके बारे में नहीं पता होता है, लेकिन आरिव तुरंत ही इनके बारे में बता देता है।

फर्म ने की घपले की साज, प्रबंधक पर गिरी गाज

भरतपुर . गरीबों के हक के गेहूं को राशन की दुकानों तक नहीं पहुंचाने के मामले में भले ही अभी तक ठोस कार्रवाई अधर में हो, लेकिन प्रशासनिक कारणों के चलते प्रबंधक नागरिक आपूर्ति विभाग को निलंबित किया है। हालांकि अभी विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि प्रबंधक का निलंबन किन कारणों से किया है। उल्लेखनीय है कि यह मामला 15 हजार क्विंटल गेहूं के गबन से जुड़ा है। इसमें करीब 3 करोड़ रुपए का गेहूं खुद-बुर्द होना सामने आया था। डीलरों तक गेहूं नहींं पहुंचने के बाद प्रबंधक नागरिक आपूर्ति मोनिका मीणा की ओर से फर्म मै श्री बालाजी ट्रांसपोर्ट कंपनी हरियाणा को नोटिस जारी किया था। इसमें कहा था कि कार्यालय की ओर से पुलिस थाना उद्योग नगर में गेहूं की अनियमितताओं पर 31 जनवरी तक 17 हजार क्विंटल गेहूं एफपीएस पर नहीं पहुंचाने के संबंध में एफआइआर दर्ज कराई गई थी। आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा एवं निविदा शर्तों एवं निर्देश की शर्त, कार्यादेश एवं कार्यालय की ओर से जारी सभी आदेशों व आरटीपीपी एक्ट एवं नियम 2013 एवं प्रचलित अन्य सभी कानूनों के तहत उचित मूल्य दुकानदारों को अप्राप्त करीब 17 हजार क्विंटल गेहूं की राशि कार्यालय में जमा कराई जानी है। इसमें आरटीपीपी एक्ट के अंतर्गत आमंत्रित बोली की विशेष शर्तें एवं निर्देश व अनुबंध की शर्त के अनुसार हानि की वसूली के लिए चल-अचल संपत्ति से भरपाई के लिए भू राजस्व संहिता अंतर्गत वसूली की कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। साथ ही फर्म को ब्लेक लिस्ट करने की कार्रवाई भी की थी। उल्लेखनीय है कि थाना उद्योग नगर में प्रबंधक नागरिक आपूर्ति मोनिका मीणा की ओर से इस मामले को लेकर दूसरी रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि राजस्थान राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम की अधिकृत परिवहनकर्ता फर्म मै. श्रीबालाजी ट्रांसपोर्ट कंपनी हरियाणा के परिवहनकर्ता भागीरथ शर्मा ने भारतीय खाद्य निगम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन कार्डों पर उपभोक्ताओं को वितरित किए जाने वाले गेहूं को उचित मूल्य की दुकानों पर नहीं पहुंचाया। अब प्रशासनिक कारणों के चलते प्रबंधक नागरिक आपूर्ति मोनिका मीणा को निलंबित किया है।