
भरतपुर शहर के रेडक्रास सर्किल से रेलवे स्टेशन तक सड़क और लाल निशान लगे प्रतिष्ठान। फोटो पत्रिका
Bharatpur Roads : भरतपुर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने और जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार भरसक प्रयास कर रही है। शहर में बढ़ते यातायात के दबाव को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कई स्थानों पर फ्लाइओवर तो कहीं सड़क को 6 लेन करने के लिए करोड़ों रुपए मंजूर किए हैं। इससे आने वाले समय में शहर की सूरत तो बदल जाएगी, लेकिन वर्तमान में सरकार के इन प्रोजेक्ट्स से व्यापारियों की नींद उड़ चुकी है। सड़क चौड़ाईकरण के नाम पर होने वाले भूमि अधिग्रहण से इनके व्यापार चौपट होते नजर आ रहे हैं।
भरतपुर शहर के रेडक्रास सर्किल से रेलवे स्टेशन तक सड़क की चौड़ाई को बढ़ाकर 120 किया जा रहा है। इसकी लम्बाई करीब 1100 मीटर है। इस दायरे में करीब 100 से अधिक प्रतिष्ठान टूटेंगे। इसके लिए भरतपुर विकास प्राधिकरण ने करीब 5.50 करोड़ रुपए की निविदा का वर्क ऑर्डर जारी करते हुए कार्य पूरा होने की अवधि एक वर्ष निर्धारित की है।
वहीं अतिक्रमण में आने वाले प्रतिष्ठानों पर लाल निशान लगा दिए हैं, लेकिन अभी तक मुआवजे का निर्धारण नहीं किया है। ऐसे में कई व्यापारियों के तो पूरे प्रतिष्ठान टूट रहे हैं। इससे व्यापारियों की नींद पूरी तरह उड़ने से कोई मानसिक तनाव का शिकार होकर आत्महत्या की दहलीज पर खड़ा है।
क्षेत्र का व्यापारी वर्ग बुधवार को जब अपनी समस्याएं सुनाने के लिए भरतपुर विकास प्राधिकरण पहुंचा। प्राधिकरण में करीब दो घंटे इंतजार के बाद भी आयुक्त ने उनकी समस्याएं सुनना तो दूर मुलाकात करना भी मुनासिब नहीं समझा। ऐसे में सभी व्यापारी आयुक्त के निजी सहायक को अपना ज्ञापन देकर मायूस ही प्राधिकरण से लौटे। हालांकि शाम को व्यापारियों को आयुक्त की ओर से वापस बुलाया गया। जहां इस मुद्दे को लेकर बात की गई।
सड़क की चौड़ाई को 80 फीट से 120 फीट किया जा रहा है। सड़क के दोनों ओर नालियां बनेंगी। सड़क के बीच में करीब एक मीटर चौड़ा डिवाइडर बनाया जाएगा। इस पर सौन्दर्यीकरण की दृष्टि से विभिन्न प्रकार के पौधों का रोपण होगा।
18.5 फीट की दुकान है और 30 फीट तक निशान लगाए हैं। इस किराना की दुकान के अलावा और कोई रोजगार नहीं है। मेरे बच्चों का भी यही रोजगार है। दुकान टूटने से पीढ़ियों तक का रोजगार चौपट होगा।
ओमप्रकाश, किराना व्यापारी
पुश्तों से हलवाई का काम करते आ रहे हैं। दुकान की गहराई 22 फीट है, लेकिन निशान 24 फीट तक लगे हैं। ऐसे में पूरी दुकान ही टूट जाएगी। व्यापारियों के आगे रोजी का एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
मुकेश, हलवाई
कई वर्षों से सीमेंट-बजरी का व्यापार कर रहे हैं। अब सड़क चौड़ी होने से 26 फीट दुकान टूटेगी। प्राधिकरण ने निशान लगा दिए हैं, लेकिन मुआवजा की कोई चर्चा नहीं है। अधिकारी भी कोई सुनवाई नहीं करते।
धर्मेंद्र, सीमेंट व्यापारी
30 फीट की मेडिकल की दुकान है। इसमें से 29 फीट तक तोड़ने का निशान लगा है। अब दुकान केवल एक फीट की रह जाएगी। ऐसे में क्या व्यापार होगा। आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नजर नहीं आता।
चन्द्र किशोर सिंगल, मेडिकल व्यापारी
यह सड़क विभिन्न मापों में है इसलिए कहीं से कम और कहीं से अधिक हिस्सा अतिक्रमण में शामिल है। व्यापारियों के मुआवजे का निर्धारण करने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। इसमें तहसीलदार, अधिशाषी अभियंता और पटवारी सहित अन्य सदस्य शामिल हैं।
पैमाइश के बाद ही मुआवजा निर्धारित होगा। वहीं आपसी सामंजस्य बनाने के लिए व्यापारियों के साथ बातचीत की जा रही है। हमारा उद्देश्य कम से कम परेशानी के काम पूरा करना है।
बहादुर सिंह, एक्सईएन, भरतपुर विकास प्राधिकरण
Published on:
12 Mar 2026 12:56 pm
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