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Rajasthan Highway : राजस्थान में इन 2 जिलों के बीच बनेगा फोरलेन हाईवे, डीपीआर भेजी है बस मंजूरी का इंतजार

Rajasthan Highway : राजस्थान में इन दो जिलों के बीच फोरलेन हाईवे बनेगा। डीपीआर भेज दी है बस मंजूरी का इंतजार है। इस योजना की लागत 667.14 करोड़ रुपए है।

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Rajasthan these two districts Bharatpur Alwar built four-lane highway DPR has been submitted approval is awaited

भरतपुर से अलवर का मुख्य मार्ग, जिसे 2 लेन से 4 लेन होना है। फोटो पत्रिका

Rajasthan Highway : भरतपुर से अलवर तक स्टेट हाईवे को टू लेन से फोरलेन बनाने की योजना को पिछले करीब 9 महीने से स्वीकृति का इंतजार है। राज्य सरकार के पास जुलाई 2025 में ही स्वीकृति के लिए डीपीआर भेज दी गई थी, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है। इसमें डीग का बाइपास भी शामिल है। हालांकि नगर व कुम्हेर में बाइपास की योजना अलग से प्रक्रियाधीन है। उम्मीद जताई जा रही है कि दो से तीन माह में इसे मंजूरी मिल सकती है। यह मार्ग बनने के बाद भरतपुर का सफर महज डेढ़ घंटे में तय होगा।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे शुरू होने के बाद भरतपुर जिले में लोगों की पहुंच बगड़ तिराहे से शीतल होकर एक्सप्रेस वे पर बढ़ गई है। समय कम लगने एवं आरामदायक सफर होने के कारण डीग जिले के ज्यादातर लोग, व्यापारी और उद्योगपति दिल्ली-जयपुर जाने के लिए एक्सप्रेस वे का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन भरतपुर-अलवर स्टेट हाईवे टू-लेन होने के कारण वहां तक पहुंचने में काफी समय लगता है।

साथ ही भरतपुर से अलवर का भी सड़क मार्ग से जुड़ाव की राह बहुत कठिन है। इसे देखते हुए अलवर-भरतपुर के मध्य आ रहे इस मार्ग को भी फोरलेन बनाने की घोषणा बजट 2024-25 में की गई थी। भरतपुर का सफर अभी तक तीन घंटे से ज्यादा समय में पूरा होता है, जो कि 95 किमी है। अब फोरलेन बनने से सफर कम होकर ढाई घंटे का हो जाएगा। बीच में पनियाला एनएच भी बन रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भी इस हाईवे का कुछ हिस्सा बनाएगा।

53.68 हेक्टेयर जमीन का होगा अधिग्रहण

5 करोड़ रुपए की लागत से कन्सलटेंट कंपनी के माध्यम से यह डीपीआर बनवाई गई। इसमें बताया कि भरतपुर-अलवर टू लेन को 4 लेन करने के लिए 53.68 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें 143.28 करोड़ रुपए की राशि का व्यय आएगा। सिविल वर्क पर 523.86 करोड़ रुपए व्यय होंगे। कुल 667.14 करोड़ की राशि का व्यय होगा।

इसमें डीग का बाइपास भी शामिल रहेगा। यह डीपीआर 30 जुलाई 2025 को प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति के लिए राज्य सरकार के पास भेजी गई थी, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं आई है।

वहीं नगर में बाइपास की घोषणा पूर्व में हो चुकी है, जो कि 9.3 किमी का है। घोषणा 2024-25 में हुई थी। तकनीकी व फाइनेंशियल बिड अभी प्रक्रियाधीन है। इसमें 60 करोड़ रुपए की लागत आएगी। वहीं कुम्हेर में भी वर्ष 2023-24 के बजट में 68.30 लाख रुपए की घोषणा हुई।

लेकिन बीच में ही विधानसभा चुनाव आने के कारण प्रक्रिया अटक गई। इसमें 44.62 हैक्टेयर जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। अब दुबारा से निविदा लगाने के लिए राज्य सरकार से स्वीकृति मांगी गई है, जो कि अभी तक नहीं आई है।

बाइपास से राह आसान होगी

भरतपुर-अलवर हाईवे के मध्य से ही नगर, डीग, कुम्हेर शहर के लिए बाइपास निकाला जाएगा, इससे भारी वाहन शहर से न गुजरकर इस मार्ग से आ-जा सकेंगे। जनता को जाम से लेकर अन्य समस्याओं से राहत मिलेगी। एक बाइपास आरएसआरडीसी (RSRDC) बनाएगा और 2 पीडब्ल्यूडी। 95 किमी की चौड़ाईकरण के दौरान जमीन का भी अधिग्रहण किया जाएगा।

मंजूरी मिलते ही करेंगे कार्रवाई शुरू

भरतपुर से अलवर तक का सफर और आसान होगा। इसे फोरलेन बनाने के लिए डीपीआर बनाकर सरकार को वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजी है। जैसे ही मंजूरी मिलेगी, उसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू करेंगे।
राकेश मीणा, पीडी, आरएसआरडीसी, भरतपुर