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अब ड्रोन सर्वे से पता चलेगी शहर की हकीकत, उड्डयन विभाग ने दी एनओसी

-एक क्लिक पर जान सकेंगे कि शहर में कहां क्या समस्या

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अब ड्रोन सर्वे से पता चलेगी शहर की हकीकत, उड्डयन विभाग ने दी एनओसी

अब ड्रोन सर्वे से पता चलेगी शहर की हकीकत, उड्डयन विभाग ने दी एनओसी

भरतपुर. अब शहर में कहां क्या समस्या है और किस पोल की लाइट खराब पड़ी है, किस सड़क की स्थिति खराब है, कहां गंदगी का अंबार लगा हुआ है, यह सब जानकारी सिर्फ एक क्लिक पर उपलब्ध हो जाएंगी। क्योंकि नागरिक उड्डयन मंत्रालय व नागरिक उड्डयन विभाग दोनों की ओर से नगर निगम को ड्रोन सर्वे कराने के लिए एनओसी जारी कर दी गई है। इसके लिए ज्योग्राफिकल इन्फॉरमेशन सिस्टम (जीआईएस) से मैपिंग की तैयारी की गई है। जयपुर की एक फर्म याशी कंसलटेंसी को ड्रोन सर्वे करने के लिए अधिकृत किया गया था।इस पर करीब 27 लाख रुपए खर्च होंगे। देश के तमाम शहरों का जीआईएस आधारित डवलपमेंट प्लान बना चुकी यह कंपनी ड्रोन सर्वे कर नगर निगम की ओर से उपलब्ध कराए गए डाटा के आधार पर अपडेट देगी। इसके लिए नगर नगर निगम ने टेंडर कर कार्यादेश भी कुछ माह पहले जारी किए थे। नगर निगम के पास उपग्रह-आधारित नेविगेशन प्रणाली ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) या फिर गूगल मैप्स उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन इस सर्वे का काम पूरा होने के बाद यह सारी जानकारी उपलब्ध रहेगी। सर्वे को लेकर भरतपुर में आयुध डिपो होने के कारण स्वीकृति की आवश्यकता थी, जो कि अब जारी हो चुकी है। बताते हैं कि ड्रोन की सहायता से डिजिटल मानचित्र बनाए जाएंगे। डिजिटल मैपिंग परियोजना के तहत अब शहर के हैरिटेज एरिया में हाई रिजोल्यूशन वाले 3 डी मानचित्र तैयार होंगे।

चार ड्रोन से किया जाएगा पूरे शहर का सर्वे

करीब चार से पांच आधुनिक तकनीकी वाले ड्रोन से पूरे शहर का सर्वे कराया जाएगा। 150 से 200 फीट तक की ऊंचाई पर उडऩे वाले यह ड्रोन की शक्ति इतनी है कि यह अच्छी गुणवत्ता के साथ आसानी से नीचे का नजारा कैद कर लते हैं। इससे शहर की जब तस्वीरें लेंगे तो उस स्थान के देशांतर और अक्षांश की सही जानकारी मिल सकेगी।ज्योग्राफिकल इन्फॉरमेशन सिस्टम (जीआईएस) आधारित शहर के बेस मैप के साथ बिजली-पानी की पाइप लाइनें, सीवरेज लाइन, ड्रेनेज लाइन, पार्क, शौचालय, स्ट्रीट लाइट, मोबाइल टावर, पशु चिकित्सालय, स्कूल, अग्निशमन केंद्र, अस्पताल आदि की जानकारी उपलब्ध होंगी।

-मंत्रालय व विभाग दोनों ने एनओसी जारी कर दी है। इस सर्वे से यह पता चल जाएगा कि किस जगह की सड़क खराब है, किस पोल पर लाइट नहीं है। किस स्थान पर गंदगी है। कहां घरेलू श्रेणी के निर्माण में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही है। इससे नगर निगम की आय तो बढ़ेगी ही, साथ ही शहर की बहुत सारी समस्याओं को एक मैप पर लाकर उनका समाधान करने में भी मदद मिलेगी। यह सर्वे भरतपुर शहर के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

अभिजीत कुमार
मेयर नगर निगम