27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कांग्रेस ने रचा इतिहास: बाकी छह नगरपालिकाओं में भी कांग्रेस के अध्यक्ष बने

-कामां, नगर व भुसावर में भाजपा की गुटबाजी से रणनीति फेल, अब उपाध्यक्ष पद पर मतदान आज-राजस्थान पत्रिका ने बताया था बाकी छह निकायों में बन सकते हैं कांग्रेस के अध्यक्ष, लगातार आठों सीटों पर कांग्रेस को बताया था मजबूत

4 min read
Google source verification
कांग्रेस ने रचा इतिहास: बाकी छह नगरपालिकाओं में भी कांग्रेस के अध्यक्ष बने

कांग्रेस ने रचा इतिहास: बाकी छह नगरपालिकाओं में भी कांग्रेस के अध्यक्ष बने

भरतपुर. आखिर कांग्रेस ने पिछले करीब 15 साल में इतिहास रचा है, जहां अब तक भाजपा के नगरपालिका अध्यक्ष चुने आ रहे थे, वहां भी भाजपा को मात देकर उन सीटों को भी कांग्रेस के खाते में कर लिया। डीग व बयाना में कांग्रेस के निर्विरोध अध्यक्ष पहले ही चुने जा चुके थे। अब रविवार को मतदान के बाद बाकी छह नगरपालिका कामां, नगर, वैर, भुसावर, नदबई, कुम्हेर में भी कांग्रेस प्रत्याशियों ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है। अगर दोनों प्रमुख दलों की चुनावी रणनीति की बात करें तो कामां व भुसावर में भाजपा की रणनीति गुटबाजी के कारण फेल हुई है तो उसका फायदा कांग्रेस को मिला है।
पांच नगरपालिकाओं में पुरुष अध्यक्ष बने हैं तो तीन नगरपालिकाओं में इस बार महिला अध्यक्ष बनी हैं। भुसावर, कामां व नदबई में महिला अध्यक्ष बनी है, जबकि बाकी पांच निकायों में पुरुष अध्यक्ष बने हैं। इधर, राजस्थान पत्रिका ने 20 दिसंबर अंक में बाकी छह सीटों पर बन सकते हैं कांग्रेस के अध्यक्ष शीर्ष से समाचार प्रकाशित करने के साथ ही उससे पहले भी लगातार कांग्रेस के आठों नगरपालिकाओं में अध्यक्ष बनने का दावा किया था। ऐसे में पत्रिका का चुनावी कवरेज व आंकलन सटीक बैठा है। अब अध्यक्ष पद पर चुनाव के बाद दोनों दलों की निगाहें उपाध्यक्ष पद पर टिकी हुई है। उपाध्यक्ष पद को लेकर सभी आठों नगरपालिकाओं में मतदान सोमवार को होगा।
वैर के अध्यक्ष सबसे कम उम्र व सबसे ज्यादा शिक्षित
इस बार नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव में रोचक यह भी रहा है कि दो निकायों को छोड़कर बाकी पांच निकायों में चुने गए अध्यक्षों की उम्र 40 से 50-55 पार है। सबसे युवा उम्र के अध्यक्ष वैर में विष्णु महावर (23) चुने गए हैं। जबकि आठों अध्यक्षों में से ज्यादा उम्र के बयाना में विनोद कुमार बट्टा (61) चुने गए हैं। भुसावर की सुनीता देवी की उम्र भी 32 वर्ष है। बाकी कुम्हेर के राजीव अग्रवाल 44 वर्षीय हैं तो बाकी 55 से 60 पार उम्र के अध्यक्ष चुनकर आए हैं। शैक्षिक योग्यता में भी वैर के अध्यक्ष आगे हैं। वह बीएससी, बीएड कर चुके हैं। जबकि बयाना, डीग, कुम्हेर व नगर के अध्यक्ष दसवीं पास हैं। भुसावर, कामां व नदबई के अध्यक्ष साक्षर हैं। यह आंकड़े राज्य निर्वाचन आयोग की सूची में बताए गए हैं।

किसको कहां-कितने मत मिले

कुम्हेर: कांग्रेस के राजीव अग्रवाल ने भाजपा के प्रताप सिंह को 10 मतों के अंतर से पराजित किया। 25 पार्षद निर्वाचित हुए थे। जबकि अध्यक्ष पद के लिए 20 पार्षदों ने ही अपने मताधिकार का उपयोग किया। भाजपा प्रत्याशी को सिर्फ पांच ही वोट मिले। यहां भाजपा के चार पार्षद जीतकर आए थे। कांग्रेस ने टिकट नहीं बांटी थी।

नदबई: कांग्रेस की हरवती सिनसिनवार ने 19 मत प्राप्त कर भाजपा की कृष्णा कुमारी को तीन मतों के अंतर से हराया। भाजपा प्रत्याशी को 16 मत मिले। यहां कांग्रेस के सात व भाजपा का एक पार्षद जीता था।

भुसावर: कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता प्रकाश जाटव को 21 व भाजपा प्रत्याशी इन्दरमल पहाडिय़ा को तीन मत मिले। जबकि निर्दलीय प्रत्याशी चिरमोलीराम एक मत मिला। कांग्रेस प्रत्याशी 18 मत से विजयी रहीं। यहां भाजपा के तीन व कांग्रेस का एक पार्षद जीता था।

कामां: कांग्रेस प्रत्याशी गीता खण्डेलवाल को 20 मत प्राप्त हुए, जबकि भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी सीमा गोयल को 15 मत प्राप्त हुए। ऐसे में कांग्रेस की प्रत्याशी पांच मतों से विजयी रही। यहां भाजपा के 15 व कांग्रेस के तीन पार्षद जीतकर आए थे।

नगर: कांग्रेस के रामवतार मितल को 35 में से 34 मत मिले। जबकि भाजपा की रूपवती को खुद का ही एक वोट मिला। ऐसे में 34 मतों से कांग्रेस के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। यहां से भाजपा के सात व कांग्रेस के दो पार्षद जीतकर आए थे।

वैर: कांग्रेस के विष्णु महावर ने निर्दलीय प्रत्याशी सुनील कुमार को 21 मतों से हराया। कांग्रेस प्रत्याशी को 23 मत तथा निर्दलीय प्रत्याशी को मात्र दो मत मिले। यहां भाजपा व कांग्रेस दो-दो पार्षद जीतकर आए थे।

चुनावी झलकियां

-कामां में भाजपा के 15 में से तीन पार्षद कांग्रेस के खेमे में जा पहुंचे थे। ऐसे में इन्होंने गणित बिगाड़ दिया।

-विधायक ने अपनी ससुराल गढाजान की ही पैतृक निवासी गीता खंडेलवाल को पालिका अध्यक्ष बनाया है।

-नदबई व कुम्हेर में विवाद की आशंका के कारण पुलिस व प्रशासन अलर्ट नजर आया।

-नगर में परिणाम के बाद विधायक वाजिब अली भी नवनिर्वाचित अध्यक्ष को बधाई देने पहुंचे।

-कांग्रेस ने अपने खेमे से पांच पार्षदों को मतदान ही नहीं कराया। क्योंकि उनके भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने की आशंका थी।

-लोकसभा चुनाव में सर्वाधिक वोटों से चुनाव जीतने वाली सांसद रंजीता कोली के भाई खैमचंद कोली को विष्णु महावर ने हराया था।

-कामां में डांग विकास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष जवाहर सिंह बेढ़म व पूर्व जिलाध्यक्ष रविंद्र जैन की रणनीति पूरी फेल हुई।

-डीग-कुम्हेर में कांग्रेस के पार्षद पद पर सिंबल नहीं बांटने के बाद भी भाजपा अंत तक निर्णय ही नहीं कर पाई।

-नगर, बयाना, कामां, वैर, भुसावर, नदबई में भाजपा की गुटबाजी के कारण हार हुई।

नदबई में कांटे की टक्कर, नगर में सर्वाधित मतों से जीत

भले ही बाकी छह निकायों में कांग्रेस की जीत हुई है, लेकिन मतों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सामने आया कि सर्वाधिक मतों से नगर में कांग्रेस प्रत्याशी ने 33 मत व सबसे कम नदबई में तीन मतों से जीत प्राप्त की है। भुसावर में 18 मत, कामां में पांच, कुम्हेर में 10, नगर में 33, वैर में 21 मतों से जीत दर्ज की है।

जीत के बाद कौन क्या बोला

नदबई में कांग्रेस ने बनाया 20 साल बाद बोर्ड

-20 साल बाद कांग्रेस का बोर्ड बनाया है। यह जनता व पार्षदों के विश्वास के कारण ही संभव हुआ है। अब एकजुट होकर विकास के नए आयाम स्थापित किए जाएंगे। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस के प्रति आमजन का विश्वास बरकरार है।
जोगिन्दर सिंह अवाना
विधायक नदबई


अब आठों निकायों में अधिक विकास कार्य होंगे

-जन कल्याण कार्यों के कारण सभी मतदाताओं एवं पार्षदों का रुझान पालिकाओं में कांग्रेस का बोर्ड बनाने के प्रति रहा है। पूर्व के मुकाबले अधिक विकास कार्य होंगे। कुम्हेर नगर पालिका में कांगे्रस के प्रत्याशी राजीव अग्रवाल को यह पद पूर्व मंत्री एवं विधायक विश्वेन्द्र सिंह की मेहनत से ही प्राप्त हो सका है।
डॉ. सुभाष गर्ग
तकनीकी एवं संस्कृत राज्यमंत्री

भुसावर में विकास की जीत
-भुसावर में विकास की जीत हुई है। अब कांग्रेस का बोर्ड बनने से विकाय के कार्य अधिक होंगे। इसमें राज्य सरकार से भी सहयोग लिया जाएगा।
भजनलाल जाटव
राज्यमंत्री व विधायक वैर

भाजपा: वोट डलवाने की हिम्मत नहीं जुटा पाई कांग्रेस

-कुम्हेर नगरपालिका चुनाव में सरकार के दो-दो मंत्री चुनावी मैदान में होने के बावजूद भी इनके खेमें के पार्षदों से नगरपालिका अध्यक्ष चुनाव में पूरे वोट डलवाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए तथा पांच पार्षदों को मतदान के लिए नहीं लाया गया। यह लोकतंत्र की हत्या है।
डॉ. शैलेष सिंह
जिलाध्यक्ष भाजपा