
सफेद मूसली की खेती से किसान हो रहे मालामाल
औषधीय खेती के लिए उत्तम है भूमि
किसान का कहना है कि यहां की भूमि औषधीय खेती के उत्तम है। सफेद मूसली, अश्वगंधा के अलावा वे केसर, अंगूर, मौसमी, संतरा भी उगा रहे हैं। इसकी आठ से नौ हजार रुपए प्रति किलो के भाव से बिक्री हो रही है। इस खेती के लिए काफी मेहनत की जरूरत होती है।
अन्य किसानों को दे रहे प्रशिक्षण
किसान प्रकाश अवस्थी कहते हैं कि वे चित्तौडगढ़ से सफेद मूसली का बीज लाए और उसे खेतों में लगाया। आयुर्वेदिक औषधियों इनकी भारी मांग है। उनके खेत की पैदावार देखने के लिए महाराष्ट्र, आगरा के किसान विजिट कर चुके हैं। वे स्वयं जैविक खाद बना रहे हैं और इसकी बनाने की विधि व सफेद मूसली की खेती दोनों का प्रशिक्षण भी दे रहे हैं।
औषधीय गुणों से भरपूर सफेद मूसली
मनुष्य की दुर्बलता और नपुंसकता में यह काफी उपयोगी है। स्तनपान कराने वाली माताओं को दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए इसे दिया जाता है। इसकी खेती के लिए पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है।
मोहन जोशी — भुसावर
Published on:
20 Dec 2022 04:40 pm
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