
लक्ष्मण मंदिर के नीचे नगर परिषद की जमीन पर संचालित दुकानें। फोटो- पत्रिका
डीग। शहर के लक्ष्मण मंदिर के नीचे सरकारी जमीन पर कई साल से किराएदार बनकर अस्थाई दुकानदारों को जगह खाली करने के लिए नोटिस चस्पा किए जाने की कार्रवाई के बाद किराएदारों में हड़कंप मच गया है। नोटिस में आधा दर्जन से अधिक दुकानदारों को 24 घंटे में अपनी-अपनी दुकान समेटने के लिए आदेशित किया गया है।
नगर परिषद के अधिकारियों ने बुधवार को नोटिस चस्पा कर अस्थाई किरायेदारों को अवगत कराया कि पूर्व में 9 जुलाई 2012 और 3 अगस्त 2012 को किरायेदारों की अस्थाई किरायेदारी को खत्म कर एक माह के अंदर सरकारी जमीन खाली करने के लिए निर्देशित किया गया था। नगर परिषद की ओर से जमीन खाली करने के नोटिस के बाद किरायेदारों ने 6 अगस्त 2012 को वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश के समक्ष दावा पेश किया, जिसे न्यायालय ने 1 दिसंबर 2012 को खारिज कर दिया।
वर्षों पुरानी किराए की जमीन हाथ से जाते देख किरायेदारों ने अपर जिला न्यायालय में अपील की। न्यायालय ने 25 अगस्त 2025 को अपील खारिज कर 1 दिसंबर 2016 के नगर परिषद के निर्णय की पुष्टि की। न्यायालय के निर्णय के बाद बुधवार को नगर परिषद ने अस्थाई किरायेदारों को 24 घंटे के अंदर जमीन खाली करने और कब्जा सुपुर्द करने का नोटिस चस्पा किया है।
नगर परिषद की स्वामित्व वाली इस जमीन पर 9 दुकानें कई दशकों से किराए पर चल रही हैं। दुकानों पर दुकानदारों का अपना सेटअप है। दुकानों को खाली कराने के लिए नगर परिषद की ओर से कई बार नोटिस दिए गए, लेकिन दुकानदारों ने दुकान खाली न कर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के निर्णय के बाद नगर परिषद ने दुकानों को खाली कर जमीन सुपुर्द कराने के लिए बुधवार को नोटिस चस्पा किए हैं। इन सभी दुकानों के बाहर नोटिस चस्पा किए गए।
न्यायालय के निर्णय के बाद नगर परिषद ने लक्ष्मण मंदिर के निकट 9 अस्थाई किरायेदारों को नोटिस जारी कर 24 घंटे में सड़क सीमा व सरकारी भूमि से कब्जा हटाने के लिए सूचित किया है। अन्यथा समय सीमा के बाद संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान से जुड़ी हर ताज़ा खबर, सीधे आपके WhatsApp पर
जुड़ें अभी : https://bit.ly/4bg81fl
Updated on:
15 Jan 2026 05:32 pm
Published on:
15 Jan 2026 05:28 pm
बड़ी खबरें
View Allभरतपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
