राज्यमंत्री: संक्रमितों के इलाज के लिए भरतपुर की राज्यस्तर पर सराहना

आमजन: सरकारी वेंटीलेटर से मनमानी वसूली से देशभर में हुई बदनामी,

- गृह रक्षा व नागरिक सुरक्षा एवं कृषि राज्यमंत्री भजनलाल जाटव ने कलक्ट्रेट सभागार में ली बैठक, पत्रिका ने आमजन से पड़ताल की तो जुबां पर आया सच

By: Meghshyam Parashar

Updated: 28 May 2021, 04:50 PM IST

भरतपुर. गृह रक्षा व नागरिक सुरक्षा एवं कृषि राज्यमंत्री भजनलाल जाटव ने गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में कहा कि कोविड संक्रमित रोगियों के उपचार के लिए भरतपुर की चिकित्सा व्यवस्थाओं की राज्यस्तर पर सराहना हुई है, लेकिन जब पत्रिका ने इस बयान के सियासी मायने निकालते हुए आमजन से बात की तो उन्होंने कहा कि निजी हॉस्पिटल को पीएम केयर्स फंड से आवंटित वेंटीलेटर दिए गए, जहां मरीजों से मनमाना चार्ज वसूला गया और इस प्रकरण से देशभर में भरतपुर की बदनामी हुई, लेकिन अभी तक कोई भी मंत्री या अफसर इस प्रकरण में नहीं बोला। बल्कि गल्ती मानते हुए खानापूर्ति कर एक लाख 62 हजार रुपए वसूली अवश्य की गई। ऐसे में इस बयान को भी इस प्रकरण से जोड़कर सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि एकमात्र राजस्थान पत्रिका ने नौ मई के अंक में 'गरीबों के हक की सांसों पर रसूख का साया, शीर्षक से समाचार प्रकाशित करने के बाद इस प्रकरण को मुद्दा बनाया था। कोरोनाकाल में व्यवस्थाओं को सुधारने के साथ जिम्मा उठाने का दावा करने पर विधायक, मंत्री व अफसर भी इस मामले में अब तक बोलने से कतराते रहे हैं। हालांकि अब यह मामला हाइकोर्ट में जा चुका है।
राज्यमंत्री जाटव ने बैठक की अध्यक्षता करते कहा कि भरतपुर मुख्यालय स्थित आरबीएम चिकित्सालय में भरतपुर संभाग के रोगियों सहित अन्य राज्यों हरियाणा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, बिहार एवं मध्यप्रदेश से आने वाले कोविड संक्रमितों के बेहतर उपचार की व्यवस्था होने के कारण लगभग समस्त रोगी पूर्ण स्वस्थ होकर वापस लौटे। इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं चिकित्साकर्मियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पुनीत कार्य में जनप्रतिनिधियों का भी पूर्ण सहयोग रहेगा। उन्होंने कहा कि कोविड वैक्सीन टीकाकरण में ग्रामीण क्षेत्र के बुजुर्ग लोगों का टीकाकरण केन्द्रों पर आना सम्भव नहीं हो पा रहा है इसलिए टीकाकरण की व्यवस्थाऐं ग्राम पंचायत स्तर पर किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे कोविड महामारी के संक्रमण से बचाव में अब तक उनका पूर्ण सहयोग रहा है तथा आगे भी राज्य सरकार की गाइडलाइन की पालना करके पूर्ण सहयोग करें। इससे कोविड की चैन को तोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि भरतपुर स्थित मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध आरबीएम चिकित्सालय को राज्य सरकार की ओर से ब्लेक फंगस के उपचार के लिए अधिकृत किया है। उन्होंने समस्त विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विकास कार्यों एवं मनरेगा योजना में शीघ्र कार्य शुरू कराएं। इससे स्थानीय स्तर पर श्रमिकों को रोजगार मिलने के साथ ही उन्हें आर्थिक सम्बल प्रदान किया जा सके। साथ ही पात्र व्यक्तियों को जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित करें। राज्यमंत्री जाटव नेे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि वे चिकित्सालय में ब्लेक फंगस रोग संबंधी वार्ड एवं ऑपरेशन थियेटर की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इससे ऐसे रोगियों का तत्काल उपचार किया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से ब्लेक फंगस के डाइग्नोसिस के लिए पीपीपी मॉडल की दरें निर्धारित की गई हैं तथा रोगियों के लिए निशुल्क एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की गई है। बैठक में जिला परिषद सीईओ राजेन्द्र सिंह चारण, एडीएम प्रशासन बीना महावर, एडीएम सिटी केके गोयल, एडिशनल एसपी वंदिता राणा, नगर निगम आयुक्त डॉ. राजेश गोयल, सीएमएचओ डॉ. कप्तान सिंह, पीएमओ डॉ. जिज्ञासा साहनी, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता चंदन सिंह मीणा, पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता हेमंत कुमार आदि उपस्थित थे।

तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने की आशंका

बैठक में राज्यमंत्री जाटव ने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि वे कोविड की संभावित तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमित होने की आशंका को मद्देनजर रखते हुए संबंधित उपकरण, आईसीयू एवं इंक्यूबेटर की पूर्व में ही व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के संक्रमण काल को मद्देनजर रखते हुए रोगियों के बेहतर उपचार की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए समस्त विधायकों की ओर से सीएचसी स्तर पर ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित करने के लिए विधायक कोटे से राशि देने की घोषणा की है। इससे आमजन को स्थानीय स्तर पर ही कोविड का बेहतर उपचार मिल सके। जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता ने बताया कि जिले में अब तक लगभग 250 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर विभिन्न माध्यमों से प्राप्त हुए हैं जिनका विधानसभावार सीएचसी स्तर पर 30-30 की संख्या में आवंटन किया गया है। चिकित्सा संस्थानों पर रोगियों का दबाव भी कम हुआ है। जिला पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र विश्नोई ने बताया कि पुलिसकर्मियों की ओर से कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही राज्य सरकार के लॉकडाउन की पालना कराई जा रही है।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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