केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण की मांग को लेकर भरतपुर-धौलपुर जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि राज्य व केंद्र सरकार आंदोलनकारियों की समझदारी को कमजोरी समझने की भूल कर रही है। इसका जवाब 22 जनवरी के बाद मिल जाएगा। जिले के उच्चैन थाना इलाके में जयचोली के निकट मुंबई रेलवे ट्रैक के पास गुरुवार को दूसरे दिन भी जाट समाज के लोग डटे रहे। जयचोली के रेलवे स्टेशन जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारी और सुरक्षाकर्मी तैनात किए हुए हैं। रेलवे स्टेशन की तरफ जाने वाले लोगों पर निगरानी रखी जा रही है।
आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह फौजदार ने कहा कि जाट समाज के लिए केंद्र आरक्षण की मांग को लेकर 17 जनवरी से गांधीवादी तरीके से आंदोलन की शुरुआत की है। 22 जनवरी को भगवान श्री राम के उद्घाटन का कार्यक्रम है। जाट समाज हमेशा अनुशासित रहा है। जाट समाज ने सोच समझ कर यह निर्णय लिया है कि 22 जनवरी तक हम किसी तरह का रोड जाम और रेल की पटरी जाम नहीं करेंगे। भगवान श्रीराम के मंदिर के कार्यक्रम में जाट समाज बाधा बनना नहीं चाहता। गांधीवादी विचारधारा से आंदोलन को कभी सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया। हमारी आंतरिक रणनीति मजबूत है, इसकी जानकारी 22 जनवरी के बाद हो जाएगी। सरकारी हमारी समझदारी को कमजोरी समझने की भूल कर रही है।