
भरतपुर। पूर्व राज परिवार के सदस्य एवं पूर्व केबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह की ओर से भरण-पोषण याचिका लगाने के बाद उनकी पत्नी पूर्व सांसद दिव्या सिंह एवं बेटे अनिरुद्ध उनके खिलाफ लगातार बयान दे रहे हैं। हालांकि पूरे प्रकरण में विश्वेन्द्र सिंह मीडिया के सामने नहीं आए हैं, लेकिन वह उनके बयानों का जवाब सोशल मीडिया के माध्यम से दे रहे हैं। गुरुवार को भी उन्होंने दो पोस्ट सोशल मीडिया पर डालीं। इनमें एक से परिवार की एकजुटता का संदेश दिया। वहीं दूसरे में पूर्व सीएम अशोक गहलोत के प्रति सम्मान दर्शाया।
पहली पोस्ट में विश्वेन्द्र सिंह ने लिखा कि ‘कौन कहता है हम अलग हैं’। उन्होंने लिखा कि राव काका रघुराज सिंह, पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री दीपा, दीपराज सिंह एवं दुष्यंत सिंह से आज (गुरुवार) को मोतीझील (भरतपुर) में पारिवारिक मुलाकात हुई। इस अवसर पर सभी पारिवारिक सदस्यों ने एक-दूसरे की कुशलक्षेम पूछी। इसके बाद उन्होंने हाथ जोडऩे के सिम्बल के साथ लिखा कि समस्त सरदारी को हम सबकी तरफ से राम-राम सा। विश्वेन्द्र सिंह ने इन सभी के साथ अपना फोटो भी पोस्ट किया। फोटो में सिंह बीच में खड़े हैं और सभी एक-दूसरे का हाथ थामे हुए हैं।
विश्वेन्द्र सिंह की ओर से सोशल मीडिया पर की गई दूसरी पोस्ट में लिखा कि तीन बार के भूतपूर्व मुख्यमंत्री, तीन बार पीसीसी चीफ व पूर्व केन्द्रीय मंत्री अशोक गहलोत हमारे बहुत सीनियर नेता हैं, उनके खिलाफ मेरी पत्नी और बेटे ने जो आरोप लगाए हैं, वो सरासर झूठे और बेबुनियाद हैं। मेरी पत्नी व बेटे की आदत है झूठे व बेबुनियाद आरोप लगाने की। मैंने पूर्व में जब गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत की थी, उसके बाद भी उन्होंने मुझे अपनी सरकार के मंत्रिमंडल में जगह दी थी। गहलोत साहब ने मेरी विधानसभा में बहुत से ऐतिहासिक कार्यों को मंजूरी दी थी।
उन सभी कार्यों को मैंने मंत्री रहते हुए पूर्ण कराया था। गहलोत साहब हमारे बहुत ही सीनियर और बुजुर्ग नेता हैं, उनके खिलाफ मेरी पत्नी और बेटे ने जो आरोप लगाए हैं, उनके लिए मैं अपनी तरफ से गहलोत साहब से माफी मांगता हूं। मेरी पत्नी और बेटे ने अपने इंटरव्यू पहले दिए थे। गहलोत साहब ने तो बहुत प्रयास किए थे सुलह कराने के लिए, लेकिन उनकी बातों को इन दोनों ने नकार दिया था। इस पोस्ट में सिंह ने गहलोत के साथ अपना फोटो भी पोस्ट किया है। उल्लेखनीय है कि बुधवार को प्रेस कान्फ्रेंस कर पूर्व सांसद दिव्या एवं अनिरुद्ध ने आरोप लगाया था कि पूर्व राज परिवार के विवाद में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आग में घी डालने का काम कर रहे हैं।
पूर्व केबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने पहले भी पत्नी-बेटे के आरोपों का जवाब सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था। पूर्व में अनिरुद्ध डी. भरतपुर की आईडी से पूर्व मंत्री विश्वेन्द्र सिंह के पुत्र ने ट्वीट किया कि हम मोती महल नहीं बेचने देंगे। इसके बाद विश्वेन्द्र सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि मोती महल भरतपुर की ऐतिहासिक विरासत है, उसको बेचने के जो आरोप मेरी पत्नी और बेटे की ओर से मेरे ऊपर लगाए जा रहे हैं, वो सरासर झूठे और निराधार हैं। इस ऐतिहासिक विरासत को बेचने की मैं कभी सपने में भी नहीं सोच सकता। मोती महल जो राज परिवार एवं भरतपुर जिले की पहचान है, उस ऐतिहासिक विरासत की एक इंच जमीन भी मेरी आखिरी सांस तक नहीं बेचने दूंगा।
Published on:
23 May 2024 06:52 pm
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