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आजादी के बाद भरतपुर लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी रंजीता कोली की सबसे बड़ी जीत

भरतपुर. देश की आजादी के बाद भरतपुर लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी रंजीता कोली की ऐतिहासिक जीत दर्ज हुई है। भाजपा प्रत्याशी रंजीता कोली ने कांग्रेस प्रत्याशी अभिजीत कुमार जाटव को 3 लाख 13 हज़ार 277 मतों से हराकर इतिहास रच दिया। ऐसे में भाजपा प्रत्याशी रंजीता अब तक के सबसे बड़े अंतर से जीतने वाली प्रत्याशी बन गई हैं। कोली को 7,01,005 वोट, कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत कुमार को 3,87,728 वोट मिले। जबकि बसपा उम्मीदवार सूरज प्रधान जाटव को 31490 वोट मिले।

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आजादी के बाद भरतपुर लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी रंजीता कोली की सबसे बड़ी जीत

भरतपुर. देश की आजादी के बाद भरतपुर लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी रंजीता कोली की ऐतिहासिक जीत दर्ज हुई है। भाजपा प्रत्याशी रंजीता कोली ने कांग्रेस प्रत्याशी अभिजीत कुमार जाटव को 3 लाख 13 हज़ार 277 मतों से हराकर इतिहास रच दिया। ऐसे में भाजपा प्रत्याशी रंजीता अब तक के सबसे बड़े अंतर से जीतने वाली प्रत्याशी बन गई हैं। कोली को 7,01,005 वोट, कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत कुमार को 3,87,728 वोट मिले। जबकि बसपा उम्मीदवार सूरज प्रधान जाटव को 31490 वोट मिले।

इससे पूर्व वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के बहादुर सिंह कोली ने 9 लाख 56 हजार 497 मतों में से 5 लाख 79 हजार 825 मत प्राप्त कर कांग्रेस के डॉ. सुरेश यादव को 2 लाख 45 हजार 468 मतों से पराजित किया था।


बहादुर सिंह कोली के नाम दर्ज थी सबसे बड़ी जीत
वर्ष 1977 के लोकसभा चुनाव के बाद वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के बहादुर सिंह कोली के नाम सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड दर्ज था। क्योंकि वर्ष 1977 के चुनाव में जनता पार्टी के प्रत्याशी पं. रामकिशन शर्मा ने तीन लाख 63 हजार 883 मतों में से दो लाख 56 हजार 887 मत प्राप्त किए थे। उनके प्रतिद्वंदी कांग्रेस के राजबहादुर को मात्र एक लाख 398 वोट ही मिले थे। जबकि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में बहादुर सिंह कोली ने 9 लाख 56 हजार 497 मतों में से 5 लाख 79 हजार 825 मत प्राप्त कर 2 लाख 45 हजार 468 मतों से कांग्रेस के डॉ. सुरेश यादव को पराजित किया था।
सबसे कम वोटों से हार-जीत वर्ष 1957 में हुई थी। वर्ष 1957 में कांग्रेस के राजबहादुर मात्र 2886 मतों से जीते। उन्हें 50.67 प्रतिशत वोट ही मिले। जबकि निकटतम प्रतिद्वंदी गिर्राजशरण सिंह को 49.33 प्रतिशत मत मिले थे। वोट प्रतिशत के हिसाब से देखें तो 1977 में जनता पार्टी के पं. रामकिशन शर्मा ने 70.06 प्रतिशत और सबसे कम वर्ष 1952 में गिर्राजशरण सिंह ने 28.57 प्रतिशत वोट प्राप्त कर जीत हासिल की थी।