
kaccha baniyan
भरतपुर. कंजौली लाइन के पास माली का नगला स्थित बौरई नहर के पास से थाना उद्योगनगर पुलिस ने गत सप्ताह कथित कच्छा-बनियान गिरोह का सदस्य बताते जिस शख्स वंदना (कृष्णा) को गिरफ्तार किया था, उसको लेकर मंगलवार को पुलिस अधिकारी खुद की गढ़ी कहानी में उलझ गए। कथित पकड़े शख्स को लेकर एसपी हैदरअली जैदी ने कहा कि टोंटपुर गांव स्थित कृष्ण विहार कॉलोनी में हुई हत्या व डकैती की वारदात के बाद चल रहे सर्च ऑपरेशन में कथित व्यक्ति पुलिस को देख भागा था और उसकी संदिग्ध हरकत को देखते गिरफ्तार किया था। उन्होंने कहा कि कथित शख्स की जेसी के दौरान शिनाख्त परेड में पीडि़त परिजन अंधेरा होने की वजह से पहचान नहीं कर पाए थे। एसपी ने कहा कि कथित शख्स को लेकर जांच चल रही और पीसी पर लेकर पूछताछ की जाएगी। हालांकि, उन्होंने कथित शख्स की शहर के आसपास हुई वारदातों में उसकी भूमिका को लेकर कोई ठोस साक्ष्य नहीं होना बताया। हालांकि, उन्होंने कहा कि पकड़ा अभी पुलिस के संदेह के घेरे में है।
उधर, वारदातों में छैमार गिरोह के शामिलने होने का खुलासा होने पर फिलहाल थाना उद्योगनगर पुलिस व कुछ अधिकारियों की जल्दबाजी का नतीजा माना जा रहा है। इस गिरोह के पकड़े जाने के बाद कुछ पुलिस अधिकारी चुप्पी साधते नजर आए। गौरतलब रहे कि कृष्ण विहार कॉलोनी में गत २२ जुलाई की रात भोजाराम के मकान में हुई डकैती की वारदात और भोजाराम की पत्नी शीला की हत्या के बाद चली कॉम्बिंग में पुलिस ने २३ जुलाई की सुबह बौरई नहर के पास कथित शख्स वंदना पारदी निवासी मुर्तिझापुर जिला आकोला को कच्छा-बनियान गिरोह से जुड़ा होना बताते हुए गिरफ्तार किया था। लेकिन बाद में शिनाख्त परेड में परिजनों के पहचान से इनकार करने और कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर पुलिस ने मामले पर चुप्पी साध ली थी।
Published on:
31 Jul 2019 08:04 am
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