
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी (फोटो: पत्रिका)
रेंज कार्यालय भरतपुर की टीम ने करीब 400 करोड़ रुपए से अधिक की साइबर ठगी करने वाली गैंग के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी देवेन्द्रपाल सिंह (37) पुत्र अमरजीत सिंह निवासी गुरुद्वारा के पास बमरोली पुलिस थाना धूमनगंज जिला प्रयागराज उत्तरप्रदेश हाल निवासी बी-44 सिवांता ग्रीन सेक्टर 85 मोहाली पंजाब मुख्य सरगना शशिकांत के बचपन का दोस्त है।
महानिरीक्षक पुलिस राहुल प्रकाश ने बताया कि अब तक के अनुसंधान में सामने आया है कि इस गैंग के मुख्य सरगना शशिकांत एवं रोहित दुबे हैं। इन्होंने मिलकर एबुडेंस पेमेंट सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड (ट्राइ-पे) नाम से एक कंपनी खोली, जिसका मुख्यालय बेंगलूरू कर्नाटक में है। यह कंपनी मर्चेंट व पेमेंट गेटवे के बीच एक पाइप लाइन के रूप में कार्य करती है। इसका मुख्य कार्य मर्चेंट व पेमेंट गेटवे के बीच समन्वय का है। इसके एवज में इन्हें महज करीब 0.20 प्रतिशत कमीशन मिलता है।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि शशिकांत व रोहित दुबे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पैसे का लालच देकर उनके नाम से कंपनी खुलवाते हैं, जिनका बिजनेस टाइप स्किल्ड बेस्ट गेम/ई-कॉमर्स का होता है। कंपनी के डाइरेक्टर व शशिकांत सिंह के बीच एक व्यक्ति और होता है, जिसे यह लोग रेसलर के नाम से बुलाते हैं, जो शशिकांत व कंपनी के डाइरेक्टर के बीच सेतु का काम करता है। रेसलर ऐसे लोगों को चुनता है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, जिनको पैसे की तत्काल आवश्यकता है।
आरोपी ने यह भी बताया कि इनकी ओर से जब कोई दस्तावेज संबंधी कार्य होता है तो अधिकतर रेसलर से ही बात करते हैं। कंपनी खुलवाने के बाद उनके दस्तावेज संबंधी सभी कार्य आरोपी की ओर से ही किया जाता है। कंपनी के मर्चेंट कहां-कहां से जारी होने हैं। यह सभी कार्य भी आरोपी की ओर से ही किया जाता है। पूरी प्रक्रिया (कंपनी खोलने से लेकर पे-आउट तक) का प्रोसेस इन्हीं लोगों के पास होता है। आईजी राहुल प्रकाश ने बताया कि आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर प्रकरण में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
पकड़ा गया आरोपी मुख्य सरगना शशिकांत सिंह के बचपन का दोस्त है, जिन्होंने स्कूली शिक्षा और एमबीए की शिक्षा साथ ही प्राप्त की है। गिरफ्तारी करने वालों में मनीष शर्मा थानाधिकारी गोपालगढ़, दिनेश कुमार सहायक उप निरीक्षक रेंज कार्यालय एवं जितेन्द्र सिंह हैड कांस्टेबल रेंज कार्यालय भरतपुर शामिल रहे।
उल्लेखनीय है कि 6 मार्च 2025 को साइबर थाना धौलपुर पर पीड़ित हरीसिंह की ओर से 1930 पर फिनो पेमेंट बैंक के खाते के विरुद्ध साइबर फ्रॉड की शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत का विश्लेषण किया गया तो अत्यंत चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि जिस फिनो पेमेंट बैंक के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई गई तो उसी खाते के विरुद्ध 1930 पर उस समय करीब 3000 शिकायत दर्ज थीं, जो अब बढकऱ 4000 से अधिक हो गई हैं। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए साइबर पुलिस थाना धौलपुर में 1930 की शिकायत के आधार पर त्वरित रूप से प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
Updated on:
31 May 2025 10:28 am
Published on:
31 May 2025 10:15 am
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