भरतपुर. घाटमीका के जुनैद-नासिर का अपहरण कर गाड़ी में जलाकर मारने के मामले में सियासी विरोध के बीच शुक्रवार को पुलिस में हडक़ंप मच गया। एक गुट ने हत्याकांड के विरोध में जयपुर कूच का निर्णय लिया और चार स्थानों से कूच करना तय किया, लेकिन सूचना मिलते ही पुलिस ने इन गांवों में पुलिस बल को तैनात कर दिया।
साथ ही विरोध कर रहे कुछ लोगों ने बात कर मामला शांत कराया। वहीं हरियाणा में मेव समुदाय की ओर से गुडगांव-अलवर हाईवे को जाम कर दिया। हजारों की संख्या में मौजूद लोगों को हटाने के लिए भारी पुलिस बल बुलाया गया। शाम को एक बार जाम हटा दिया गया, लेकिन रात में दुबारा जाम की आशंका पर हाईवे पर पुलिस बल तैनात किया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक श्याम सिह भी गोपालगढ़ थाने में डेरा डाले हुए हैं।
शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों के पास सूचना पहुंची कि कुछ लोग घाटमीका, गोपालगढ़ व पहाड़ी सहित एक गांव से जयपुर कूच की योजना बना रहे हैं। पुलिस ने चप्पे चप्पे पर एसटीएफ, आरएसी व महिला पुलिसकर्मी तैनात कर दिए। पुलिस को देखकर ऐनवक्त पर जयपुर कूच निरस्त कर दिया गया। इधर, हरियाणा के फिरोजपुर झिरका में गुडगांव-अलवर हाईवे जाम करने के बाद हत्याकांड के विरोध में पंचायत की गई। इसमें उपमंडल अधिकारी को ज्ञापन देकर गौ रक्षा टास्क फोर्स पर पाबंदी लगाने और मृतक जुनैद व नासिर को न्याय दिलाने की मांग की गई।
विरोध में बोले: सरकार हमें विरोध तक नहीं करने दे रही
जयपुर के खुर्शीद ने धरने में बैठे लोगों को बहादुर बताते हुए कहा कि सरकार हठधर्मी है। लोकतंत्र में धरना प्रर्दशन करना अधिकार है, जो नोटिस जारी किए हैं, वह गलत है। पीडि़तों को मुआवजा कम दिया है। वहीं पीडि़ता के परिजनों के धरने में शामिल नहीं होने की बात को लेकर सफाई पेश की है।
शेर खां मन्नाका ने कहा की हम तीन दिन से शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे। हम जयपुर के लिए कूच करने वाले थे, जिसे रोक दिया गया है। नोटिस जारी हुआ है, जो उन्हें नहीं मिला है। इसमें 27 तारीख पेश होने का हवाला है। इसमें 12 लोगों के नाम नोटिस है। स्थानीय नेताओ की ओर इशारा करते हुए गहलोत सरकार ने कहा कि यदि यह मुस्लिम और दलित समाज सरकार से छिटक गया तो भारी नुकसान होगा।