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रीट के 233 चयनितों की नियुक्ति निरस्त करना निंदनीय, होश में आए सरकार

-गुर्जर आरक्षण सघर्ष समिति अध्यक्ष विजय बैंसला का बड़ा बयान,बोले : 75 साल से गडरिया समाज का विधायक न होना दुर्भाग्यपूर्ण

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75 साल से गडरिया समाज का विधायक न होना दुर्भाग्यपूर्ण

75 साल से गडरिया समाज का विधायक न होना दुर्भाग्यपूर्ण

भरतपुर. गुर्जर आरक्षण सघर्ष समिति अध्यक्ष विजय बैंसला ने कहा कि रीट के 233 चयनितों की नियुक्ति निरस्त कर सरकार ने अभ्यर्थियों को धोखा दिया है। यह कृत्य निंदा के योग्य है। सरकार ने उन युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, जो कि लंबे समय से इस पल का इंतजार कर रहे थे। बाकी सरकार को अब होश में आना चाहिए।
वे सूरजपोल समीप स्थित बघेल बगीची पर गुर्जर व गडरिया समाज की बैठक के बाद राजस्थान पत्रिका से बातचीत कर रहे थे। बैठक में एबीसी में शामिल पांच जातियों में से गुर्जर व गडरिया समाज के लोग शामिल हुए। विजय बैंसला ने कहा कि उनकी धमनियों में भी कर्नल किरोड़ीलाल बैंसला का ही रक्त प्रवाहित हो रहा है। कर्नल बैंसला ने जो पौधा लगाया था, आज उसे संजोने की आवश्यकता है ताकि आगामी पीढ़ी इसकी छाया में रहे। उनकी ओर से शुरू किया गया कोई भी कार्य अधूरा नहीं रहेगा, उसके सभी कार्यों को पूरा करने के लिए संघर्ष किया जाएगा। रीट के 233 चयनितों की नियुक्ति निरस्त करने से समाज के लोगों में इसको लेकर सरकार के प्रति रोष व्याप्त है। राजनैतिक क्षेत्र में समाज की चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 75 लाख गुर्जर और 60 लाख गडरिया समाज की आबादी है। इसके बाद भी 75 सालों में एक भी बार गडरिया समाज कोई भी विधानसभा नहीं पहुंचा। ये दोनों ही समाज आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश का राजनैतिक दृष्टिकोण तय करेंगे और चुनावों में अपनी अहम भूमिका निभाएंगे। आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आरक्षण चालू है और चालू ही रहेगा। यदि इसमें कोई भी फेरबदल किया गया तो संघर्ष किया जाएगा। हम बदले नहीं है... आज भले ही कर्नल बैंसला हमारे बीच नहीं है मगर उनकी विचारधारा हमारी रगों में समाई है जो कभी नहीं बदलेगी। अंत में उन्होंने एमबीसी की लड़ाई आगे जारी रखने का आह्वान किया।

बोले...सुरक्षा देना मुख्यमंत्री का काम

विजय बैंसला ने अपने लिए मांगी गई सुरक्षा को लेकर कहा कि किसी को भी सुरक्षा प्रदान करना मुख्यमंत्री का काम है, फिर गृह मंत्रालय भी उन्हीं के पास हैं। वे जैसा उचित समझे उसके अनुसार अपना काम करें। उन्हें लगता है कि सुरक्षा देनी चाहिए तो दें अन्यथा नहीं। उल्लेखनीय है कि जमावारामगढ़ विधायक गोपाल मीणा ने विजय बैंसला को वाई श्रेणी पुलिस सुरक्ष्ज्ञा देने की मांग की थी। इसमें कहा था कि बैंसला एक समाज विशेष के उत्थान के लिए कार्य कर रहे हैं। इसलिए बहुत से लोग उनसे राजनैतिक और सामाजिक वैमनस्यता रखते हैं। इसलिए उनको वाई श्रेणी पुलिस सुरक्षा दी जानी चाहिए।