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दीपावली ग्रीटिंग कार्ड ना सही, लेकिन राखी तो आज भी लिफाफे में जाती हैं

-वाटरफ्रूफ लिफाफे में पहुंच रहा भाई-बहन के प्यार का बंधन, -जिले में 3 हजार लिफाफे आए, डाकघर की पहली प्राथमिकता राखी पहुंचाना, की विशेष व्यवस्था

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दीपावली ग्रीटिंग कार्ड ना सही, लेकिन राखी तो आज भी लिफाफे में जाती हैं

दीपावली ग्रीटिंग कार्ड ना सही, लेकिन राखी तो आज भी लिफाफे में जाती हैं

भरतपुर. डिजिटल दौर में दीपावली, होली एवं नववर्ष की बधाई भले ही लोग ग्रीटिंग कार्ड के स्थान पर सोशल मीडिया के माध्यम से आदान-प्रदान कर लेते हैं, लेकिन भाई-बहन के प्यार का बंधन अभी भी डाक के जरिये आगे बढ़ रहा है। आज भी दूर-दराज रहने वाली महिलाएं डाक विभाग के माध्यम से राखियां भेजती हैं। इन राखियों को गन्तव्य तक पहुंचाने के लिए डाक विभाग भी पूरी व्यवस्था करने में जुटा है। बारिश से बचाने के लिए वाटर प्रूफ कवर में राखियों को पहुंचाने के लिए व्यवस्था की गई है। जिससे बहन की ओर से भेजी गई राखियां सुरक्षित भाई के पास पहुंच सकें।
कुछ समय पहले तक दीपावली, होली, नववर्ष आदि त्योहार एवं उत्सवों पर लोग एक दूसरे को फोन करके अथवा ग्रिटिंग कार्ड भेजकर शुभकामनाएं देते थे। लेकिन डिजिटल दौर में केवल सोशल मीडिया पर ही बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित हो रही हैं। लेकिन रक्षाबंधन के मामले में पुराना दौर अब भी जारी है। बहनें और बुआ राखियां इसलिए भी भेज रही है क्योंकि उनकी भेजी गई राखियां भाई व उसके परिवार में अन्य रिश्तेदार महिलाएं अथवा वहां मौजूद बहनें स्वयं बांधकर उनके होने का अहसास कराती है।
बारिश में सुरक्षित रहेगी राखियां
डाकघर भरतपुर मंडल के अधीक्षक सीपी गुप्ता के अनुसार डाकघर में स्पेशल वाटर प्रूफ राखी का लिफाफा मिल रहा है। जिले में 3 हजार लिफाफे मंगाए गए हैं। जो सभी शाखाओं में पहुंचाए गए हैं। मानसून को देखते हुए लिफाफे को विशेष रूप से तैयार किया है ताकि राखियां बारिश में गीली अथवा नमी युक्त नहीं हो सके। यह लिफाफा 10 रुपए का है जो पानी से खराब नहीं होता है और न ही आसानी से फटता है। महिलाएं नजदीकी डाकघर से यह लिफाफा खरीद सकती हैं।
स्पेशल लैटर बॉक्स व छंटनी अलग
डाक विभाग में राखी की डाक को त्वरित गति से पहुंचाने के लिए बुकिंग का अलग से काउंटर है और बैग भी स्पेशल बनाया गया है। ताकि राखी पहुंचने में देरी नहीं हो। भरतपुर में 18 पोस्टमैन हैं, जो पहले राखियों को पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यदि किसी दिन राखी की ज्यादा पोस्ट आतीं हैं। अन्य पोस्टमैनों को भी राखी पहुंचाने में लगा देते हैं। राखियों को समय पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।