
पुलिस अफसर की गाड़ी लेकर ससुराल जाता था दलाला
भरतपुर. रेंज डीआइजी के नाम पर रिश्वत लेने के मामले में जयपुरर में जिस कथित दलाल को पकड़ा गया है। उसका खौफ इतना था कि वह पुलिस अधिकारियों के अलावा पुलिसकर्मियों पर भी धौंस जमाता था। बताते हैं कि वह पुलिस के एक बड़े अधिकारी की सराकरी गाड़ी लेकर रुदावल में ससुराल जाता था। गाड़ी खुद पुलिस अधिकारी का चालक चलाता था। उसके आगे की सीट पर पर बैठकर वो दलाल खुद जाता था। ऐसा अभी तक एसीबी की जांच में सामने आया है। साथ ही एक संतरी के भी इस नेटवर्क में शामिल होने की बात सामने आई है। रिश्वत लेने के मामलेपकड़े शख्स का भरतपुर व धौलपुर जिले में बड़ा नेटवर्क बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार धौलपुर से चंबल की प्रतिबंधित बजरी का परिवहन इसी नेटवर्क के जरिए बेधड़क हो रहा था। चंबल बजरी उत्तरप्रदेश के साथ भरतपुर जिले तक भी पहुंच रही थी। बताया जा रहा है कि धौलपुर से भरतपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 123 से लगे पुलिस थानों के एसएचओ पकड़े गए शख्स के संपर्क में थे। इन पुलिस थानों पर तैनाती के लिए मोटी घूस दी जाती थी। अवैध बजरी निकासी को लेकर हुए विवाद में धौलपुर जिले बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने डीआइजी पर गंभीर आरोप लगाए थे। जिसको लेकर खासा विवाद हुआ था। उधर, जयपुर में हुई कार्रवाई के बाद रेंज आईजी कार्यालय में सन्नाटा पसर गया। एससीबी टीम ने भरतपुर में भी छानबीन की है लेकिन अधिकारी फिलहाल कुछ भी बताने से कतरा रहे हैं।
गुनसारा चौकी विवाद से डीआइजी-एसएचओ में बढ़ गई थी तल्खी
जिस थाना उद्योगनगर थाना प्रभारी सीपी चौधरी से रिश्वत की मांग हुई, उससे और ेरेेंज पुलिस महानिरीक्षक लक्ष्मण गौड के बीच गत दिनों थाना इलाके की गुनसारा चौकी स्टाफ को लाइन हाजिर करने के मुंह जुबानी आदेशों के बाद से दोनों के बीच तल्खी बढ़ गई थी। डीआइजी ने चौकी पर अवैध वसूली की शिकायत पर एसपी को चौकी लाइन हाजिर करने के आदेश दिए थे लेकिन बाद में मामला ऊपर पहुंचने पर डीआइजी को पीछे हटना पड़ा था। सूत्रों के अनुसार चौकी लाइन हाजिर करवाने के लिए डीआइजी के रिश्तेदार की सिफारिश हुई थी। इस घटना के बाद डीआइजी व उद्योगनगर थाना प्रभारी के बीच संबंधों में खटास आ गई थी। सूत्रों के अनुसार थाने के कुछ केसों की डीआइजी मॉनिटरिंग करा रहे थे।
रेंज के तबादलों में डीआइजी का रहा दखल
सूत्रों के अनुसार भरतपुर रेंज में थाना प्रभारियों के स्थानांतरण में डीआइजी का खासा दखल रहा है। एसपी की ओर से जारी तबादला सूचियों में अंतिम समय में फेरबदल होते रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक कमाऊ वाले पुलिस थानों पर जयपुर के जरिए फोन आते थे, उसके बाद सिफारिश वाले पुलिस अधिकारी को एडजस्ट किया जाता था।
पूर्व आईजी पर भी गिर चुकी है गाज
रेंज में पूर्व में कांस्टेबल से हैड कांस्टेबल और एएसआई पद पर पदोन्नति मामले में गड़बड़ी की शिकायत पर आईजी भूपेन्द्र साहू विवादों में आ गए थे। पीएसक्यू तक शिकायत पहुंचने पर मुख्यालय ने परीक्षा को स्थगित कर दिया और बाद में आईजी साहू का तबादला कर दिया था। प्रकरण में गठित समिति ने परीक्षा को पुन: कराने के आदेश दिए थे। जिस पर लॉक डाउन से पहले पदोन्नति परीक्षा आयोजित की गई। उस समय भी आईजी निवासी पर कार्यरत एक कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध थी जिस पर बाद में उसे हटा दिया गया था।
Published on:
25 Jun 2020 10:52 am
बड़ी खबरें
View Allभरतपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
