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रिपोर्ट दर्ज कराने चौकी पहुंची बलात्कार पीडि़ता तो पुलिस ने कहा उच्च अधिकारी से लेकर आओ आदेश

-18 दिन गुजरने के बाद दर्ज हुआ दिव्यांग महिला के साथ बलात्कार के प्रयास का मुकदमा

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रिपोर्ट दर्ज कराने चौकी पहुंची बलात्कार पीडि़ता तो पुलिस ने कहा उच्च अधिकारी से लेकर आओ आदेश

रिपोर्ट दर्ज कराने चौकी पहुंची बलात्कार पीडि़ता तो पुलिस ने कहा उच्च अधिकारी से लेकर आओ आदेश

भरतपुर. जिले के एक थाना इलाके में बलात्कार के प्रयास की घटना के बाद जब दिव्यांग महिला रिपोर्ट दर्ज कराने पुलिस चौकी पहुंची तो पुलिस ने उच्च अधिकारियों से आदेश लाने के लिए कह दिया, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पीडि़ता ने मुकदमा दर्ज नहीं होने पर एसपी देवेंद्र विश्नोई को ज्ञापन देकर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। तब जाकर एसपी के आदेश पर मामला दर्ज हो सका।
पुलिस के अनुसार दर्ज कराई रिपोर्ट में पीडि़ता ने बताया है कि वह दिव्यांग महिला है व उसका पति मजदूरी का कार्य करता है। एक मार्च को पति के पेशाब में जलन की समस्या होने पर दिखाने के लिए भरतपुर आ रहे थे। महिला साइकिल पर थी और उसका पति पैदल-पैदल बच्चे को लेकर चल रहा था। अचानक रास्ते में शिवसिंह, रविंद्रपाल, मनवीर कार से उतरे और अभद्र भाषा व जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अभद्रता करने लगे। रविंद्रपाल ने अवैध हथियार निकाल कर डराया। महिला को आरोपी उठाकर खेतों में ले गए। जहां बलात्कार का प्रयास किया गया। शोरगुल सुनकर उसका पति भी भागता हुआ वहां पहुंच गया। ऐसे में आरोपी पति को देखकर कार में बैठकर भाग गए। घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने जब पुलिस थाने की एक चौकी पर पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की और उच्च अधिकारियों से आदेश लेकर आने को कह दिया। संबंधित थाना प्रभारी का कहना है कि पहले कभी भी पीडि़ता थाने पर नहीं आई और घटना को लेकर चौकी पर जानकारी में बताया है कि वहां भी पहले पीडि़ता की ओर से कोई रिपोर्ट नहीं दी गई थी।

बड़ा सवाल...18 दिन तक पुलिस ने क्यों नहीं की सुनवाई

यह भी जांच का विषय है कि पीडि़ता की ओर से जो आरोप पुलिस चौकी पर कार्यरत पुलिसकर्मियों पर लगाया गया है, उसकी भी जांच होनी चाहिए। क्योंकि यह मामला तब और भी गंभीर हो जाता है जब किसी प्रकरण में रिपोर्ट ही एसपी के आदेश पर दर्ज की गई हो। साथ ही 18 दिन तक मामले पर पुलिस की ओर से ध्यान ही नहीं दिया गया हो। आखिर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने में ही इतनी देर क्यों की। ऐसे तमाम सवाल पुलिस की कार्यशैली को लेकर खड़े हो रहे हैं। संबंधित पुलिस चौकी की इतनी बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई तक नहीं की गई है। हालांकि वहां के प्रभारी भी पीडि़ता के चौकी में आने की बात से इंकार करते रहे।