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भरतपुर। शहर की कृष्णा नगर कॉलोनी स्थित एक निजी अस्पताल में गलत इंजेक्शन से 5 फरवरी को हालत बिगड़ने पर उपचार के लिए जयपुर के नियो क्लीनिक में भर्ती 22 माह के कान्हा ने शुक्रवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। घटना को लेकर मृतक के चाचा ने थाना मथुरा गेट पुलिस में निजी हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कराया है।
दर्ज कराई रिपोर्ट में कौथरा गोवर्धन मथुरा निवासी हरीसिंह पुत्र साहब सिंह ने कहा है कि भाई अजीत कुमार पुत्र साहब सिंह निवासी कौथरा अपने 22 माह के पुत्र कान्हा को हर्निया के इलाज के लिए कृष्णा नगर स्थित एक निजी अस्पताल में 5 मार्च को सुबह 11 बजे लेकर पहुंचा। डॉक्टर ने उसका ऑपरेशन करने को कहा।
डॉक्टर के कहने पर 5 हजार रुपए एडवांस जमा करवा दिए। शाम करीब 5 बजे डॉक्टर कान्हा को ऑपरेशन थियेटर ले गए। कान्हा को बेहोश करने के लिए पहले हाथ में फिर रीढ़ की हड्डी के पीछे इंजेक्शन लगते ही कान्हा की तबियत बिगड़ गई। उसकी पल्स चली गई और आंख खुली रह गईं। पहले तो डाक्टर और स्टाफ ने उसे ऑक्सीजन लगाकर उपचार करने की कोशिश की, लेकिन कुछ देर बार कह दिया कि आप इसे जयपुर ले जाओ।
उन्होंने कान्हा को नियो क्लीनिक निर्माण नगर जयपुर ले जाने को कहा। जब हम रात 11 बजे नियो क्लीनिक लेकर पहुंचे तो डॉक्टर ने बताया कि बच्चे का ब्रेन डेड हो गया है और जान से बचने की संभावना नगण्य है। वेंटीलेटर पर उपचार चल रहा था कि 8 मार्च को दोपहर 3.34 ने दम तोड़ दिया। आरोप लगाया गया है कि कान्हा की मौत डॉक्टर की लापरवाही से हुई है।
परिजनों ने शुक्रवार देर रात 8 बजे थाना मथुरा गेट पहुंच मामला दर्ज कराया। 5 मार्च को भी कान्हा के परिजनों ने गलत इंजेक्शन से तबियत बिगड़ने पर निजी अस्पताल पर हंगामा किया था। अस्पताल के शीशे तोड़ दिए थे। पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हुआ था।
Published on:
09 Mar 2024 06:27 pm
