
भरतपुर में ड्रेनेज सिस्टम फेल, आमजन भुगत रहा जलभराव की परेशानी
भरतपुर. मानसून के चलते भरतपुर शहर इन दिनों गंदे पानी की समस्या से जूझ रहा है। नगर निगम के अधिकारी आंख मूंद कर बैठे हुए हंै। लोग गंदे पानी में से निकलने को मजबूर है, लेकिन शहर के वार्ड नंबर पांच महिलाओं का गुस्सा इस कदर फूटा की वह पहले तो जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची और जमकर प्रदर्शन किया, लेकिन वहां से जब उन्हें कोई आश्वाशन नही मिला तो महिलाएं नगर निगम पहुंची और प्रदर्शन करते हुए निगम के मेयर अभिजीत कुमार को ज्ञापन पत्र सौंपा। जानकारी के अनुसार शहर की कई कॉलोनियों में इन दिनों जलभराव की समस्या बनी हुई है। इसका एक बड़ा कारण है कि शहर का ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से चौपट हो चुका है। क्योंकि लोगों ने पानी निकासी की जगह अतिक्रमण कर लिए है। इसके कारण गंदे पानी की निकासी के रास्ते पूरी तरह से बंद हो चुके है। हालांकि जब निगम के चुनाव हुए थे तब कांग्रेस के एजेंडे में गंदे पानी से निजात का वायदा किया गया था, लेकिन अब चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस अपने वायदों को भुला चुकी है। इसका खामियाजा भरतपुर की जनता को भुगतना पड़ रहा है। महिलाओं का कहना है कि उनके घरों के सामने इतना पानी है कि वह घरों से बाहर भी नहीं निकल पा रहे है। इसकी कई बार शिकायत वार्ड नंबर पांच के पार्षद से की गई लेकिन उन्होंने इस समस्या पर कोई गौर नहीं किया। लोग अपनी जरुरत की चीज लेने के लिए भी घरों से बाहर नही निकल पा रहे हैं।
घना में आया 170 एमसीएफटी पानी
भरतपुर. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में पिछले कुछ दिनों से पानी की पर्याप्त आवक शुरू हो गई है। सोमवार तक उद्यान में चम्बल से 16 एमसीएफटी एवं गोवर्धन ड्रेन से 154 एमसीएफटी पानी की आवक हुई है। उपवन सरंक्षक वन्य जीव मोहित गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष बारिश देरी से होने के कारण उद्यान में पानी की आवक देरी से शुरू हुई है। हालांकि अभी आगामी एक माह तक पानी की आवक होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि वन विभाग, सिंचाई विभाग एवं पीएचईडी के सम्मिलित प्रयास से अधिक से अधिक पानी की आवक सुनिश्चित की जा रही है ताकि आगामी सीजन के लिए घना को पानी की कोई किल्लत न रहे।
किसानों को एकमुश्त ऋण राशि जमा करने पर मिलेगी छूट
भरतपुर. राज्य सरकार की आरे से कोरोना संक्रमण के चलते एवं फसलों को हुए नुकसान को दृष्टिगत रखते हुए सहकारी भूमि विकास बैंकों के अवधिपार ऋणी किसानों को एकमुश्त समझौता योजना के तहत राहत देने के निर्देश दिए हैं। सहकारी भूमि विकास बैंक के सचिव सतेन्द्र सिंह मीणा ने बताया कि राज्य सरकार ने किसानों के ऋणों को चुक्ता करने की परेशानी को देखते हुए एकमुश्त समझौता योजना के तहत 30 नवम्बर 2020 तक सम्पूर्ण ऋण राशि एकमुश्त जमा करने पर ब्याज एवं दण्डनीय ब्याज में 50 प्रतिशत तक की राशि माफ की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस योजना में बैंक के समस्त कृषि एवं अकृषि ऐसे ऋणधारी जो एक जुलाई 2019 तक अवधिपार हो चुके हैं, उनको शामिल किया जाएगा।
Published on:
25 Aug 2020 03:41 pm
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