
कांग्रेस ने दिए छह मंत्री, मोदी ने पूरी की मुराद...मुख्यमंत्री से नवाजा
भरतपुर . 2018 में भरतपुर (bharatpur) संभाग के सहारे सत्ता पर काबिज हुई कांग्रेस ने जिले में सात के सात विधायकों में से छह मंत्री बनाए, लेकिन भाजपा (bjp) ने भरतपुर की झोली में मुख्यमंत्री (CM) डालकर छप्पर ही फाड़ दिया। अमूमन हर सभा में पूर्व सीएम अशोक गहलोत कहते रहे कि मैंने भरतपुर को जो मांगा सो दिया, लेकिन अब भाजपा की बात करें तो बिन मांगे ही वह दिया, जो भरतपुर ने शायद कभी सपने में सोचा हो।
कांग्रेस को वर्ष 2018 के चुनाव में संभाग में 19 में से 18 सीटें मिली थीं। महज धौलपुर शहर की सीट भाजपा के खाते में थी, लेकिन राष्ट्रपति के चुनाव के दौरान क्रॉस वोङ्क्षटग के बाद यह सीट भी कांग्रेस के खाते में चली गई थी। इससे उत्साहित कांग्रेस ने भरतपुर जिले से दो केबिनेट मंत्री, दो राज्यमंत्री एवं दो पद राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त दिए। इसके बाद से ही भाजपा इस संभाग को फतह करने में जुट गई। चुनाव की तैयारियां कांग्रेस ने छह माह पहले की। वहीं भाजपा ने एक साल पहले ही कांग्रेस के गढ़ को ध्वस्त करने रणनीति बना ली थी। सीएम बने भजनलाल शर्मा ने पहले भरतपुर विधानसभा से टिकट चाही थी, लेकिन इस सीट पर अंत समय तक निर्णय नहीं हो सका, जबकि इससे पहले शर्मा ने अपनी सीट सांगानेर सुनिश्चित कर ली। माना जा रहा था कि भरतपुर जिले के कोटे से भजनलाल शर्मा को मंत्री पद से नवाजा जा सकता है, लेकिन सीएम पद की घोषणा के बाद से भरतपुर को पंख ही लग गए।
कोई नहीं जान सका मोदी के मन की बात
वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही नरेन्द्र मोदी लोगों से मन की बात कर रहे हैं, लेकिन इस बार सीएम पद के नामों को सभी ने चौंकाया है। शायद ही कोई उनके मन की बात पढ़ सका हो। मोदी भरतपुर में 18 नवम्बर को सभा करने आए थे। यहां उन्होंने ब्रज से नाता जोड़ा था और खुद को हर परिवार का बेटा बताया था। खास बात यह है कि सभा में पहुंचे सभी लोगों से उन्होंने अपनी राम-राम भरतपुर के घर-घर तक पहुंचाई थी।
बोलीं पड़ोसी, मुझे थी पूरी उम्मीद
कुछ ही पल में जयपुर विधायक के पड़ोसी मुख्यमंत्री के पड़ोसी बन गए। ऐसे में सीएम भजनलाल शर्मा के घर के बाहर लोगों का तांता लग गया। पड़ोसी झट से दौडकऱ चले आए और उनके माता-पिता को बधाई दी। शर्मा की पड़ोसी नीता शर्मा ने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद थी कि शर्मा सीएम बनेंगे। वहीं पड़ोसी राधा ने कहा कि यह बेहद खुशी का मौका है कि शर्मा मुख्यमंत्री बने हैं। खास तौर से हमें इस बात की खुशी है कि वह हमारे पड़ोसी हैं। राधा ने कहा कि उनके मंत्री बनने की मुझे पूरी उम्मीद थी, लेकिन भाजपा ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाकर भरतपुर का सपना ही साकार कर दिया। पड़ोस की महिलाएं दूसरे दरवाजे से झांकते हुए माता-पिता को बधाई देने पहुंचीं।
वसुंधरा के करीबी, फिर संगठन की साधना
प्रदेश के मुखिया बने भजनलाल शर्मा की राजनीतिक शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से हुई। रफ्ता-रफ्ता आगे बढ़ते हुए उन्होंने राजनीति का पाठ पढ़ा। राजनीतिक रूप से वह पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से जुड़े और उनके करीबी रहे। इस दौरान वह संगठन से जुड़े रहे। दमदार काम की बदौलत उनकी संगठन में जड़ें गहरी होती चली गईं। भाजपा में वह प्रदेश महामंत्री बने। इसके बाद लगातार संगठन की साधना करते रहे। यही वजह रही कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के करीबी बन गए। इसी के चलते उन्हें अब प्रदेश की सत्ता का सिकंदर बनाया गया है।
बड़ी सभाएं कराने की मिली थी जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 फरवरी को दौसा आए थे। मोदी ने यहां देश के सबसे बड़े एक्सप्रेस-वे के पहले फेज का उद्घाटन किया था। यहां हुई सभा की जिम्मेदारी प्रदेश महामंत्री रहते हुए भजनलाल शर्मा ने निभाई थी। इसके बाद विस चुनाव में जयपुर में हुए रोड शो की जिम्मेदारी भी भजनलाल शर्मा के कंधों पर थी।
Published on:
12 Dec 2023 11:39 pm
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