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पोषाहार में भ्रष्टाचार, 15 हजार की घूंस लेते एडीईओ व बाबू पकड़ा

-पोषाहार के बिल पास करने की एवज में रिश्वत लेते पकड़े- जयपुर एसीबी टीम ने की कार्रवाई-16 हजार रुपए की रिश्वत लेना पड़ा भारी

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पोषाहार में भ्रष्टाचार, 15 हजार की घूंस लेते एडीईओ व बाबू पकड़ा

पोषाहार में भ्रष्टाचार, 15 हजार की घूंस लेते एडीईओ व बाबू पकड़ा

भरतपुर. सरकारी मुलाजिमों को कमीशनखोरी का चस्का इस कदर चढ़ चुका है, बच्चों के निवाले तक को नहीं छोड़ रहे। भरतपुर में मिड डे मील के ठेकेदार से बिल पास करने की एवज में 16 हजार की रिश्वत मांगना अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी और बाबू को भारी पड़ गया। जयपुर एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा गोपाल सिंह कुंतल और बाबू भुवनेश को रिश्वत राशि के साथ रंगे हाथों में ट्रैप किया है। आरोपी परिवादी से मार्च 2022 से हर माह बिल पास करने की एवज में 12 प्रतिशत रिश्वत राशि हड़प रहे थे। हालांकि पिछले कुछ समय से लगातार पोषाहार के बिल पास करने के एवज में कमीशन की शिकायत आ रही थी। करीब छह महीने पहले कुछ ठेकेदारों ने भी अधिकारियों के सामने मौखिक रूप से इस प्रकरण को उठाया था।
एसीबी सीओ परमेश्वर लाल ने बताया कि परिवादी ने जयपुर में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह कुंतल और कनिष्ठ लिपिक भुवनेश के खिलाफ बिल पास करने की एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत दी थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद बुधवार को रेलवे स्टेशन के पास स्थित शिक्षा विभाग के कार्यालय में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह कुंतल और बाबू भुवनेश को 15 हजार की रिश्वत राशि के साथ ट्रैप कर लिया। परिवादी मोतीराम ने बताया कि उसके पास डीग क्षेत्र के गुहाना और खोह स्कूल के मिड डे मील का ठेका है। वहीं अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह कुंतल के पास मिड डे मील का भी अतिरिक्त चार्ज था। परिवादी जब भी हर माह अपने बिल पास कराने के लिए यहां आता, तो उससे 12 प्रतिशत रिश्वत राशि मांगी जाती। मोतीराम ने बताया कि मार्च 2022 से लगातार अब तक अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह कुंतल और बाबू भुवनेश उससे हर माह बिल की 12 प्रतिशत राशि रिश्वत के रूप ले लेते। रिश्वत नहीं देने पर बिल पास नहीं करते थे। अब तक करीब 65 हजार की रिश्वत राशि हड़प चुके थे। ऐसे में परेशान होकर मजबूरन जयपुर एसीबी कार्यालय में दोनों के खिलाफ शिकायत दी। सीओ परमेश्वर लाल ने बताया कि दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

दो साल से चल रहा था कमीशनबाजी का खेल

एसीबी की गिरफ्त में आए एडीईओ गोपाल को सितंबर 2020 में पोषाहार का प्रभारी अधिकारी लगाया गया था। जबकि पकड़ा गया बाबू पोषाहार का प्रभारी था। जिले में 89 एनजीओ 158 ग्राम पंचायतों में पोषाहार का जिम्मा संभाल रही है। बाकी ग्राम पंचायतों में स्थित स्कूलों में पोषाहार का काम एसएमसी व एसडीएमसी संभाल रही है। बताते हैं कि कोरोनाकाल में स्कूल बंद होने के कारण पोषाहार भी बंद था। वर्ष 2022 में शैक्षिक सत्र शुरू होने के साथ ही पोषाहार शुरू हुआ। इस बीच में बकाया बिलों के भुगतान को लेकर भी अगस्त 2020 में मामला सामने आया था। इससे स्पष्ट है कि शिक्षा विभाग में पोषाहार के नाम पर कमीशनबाजी का खेल पहले से ही चलता आ रहा है।