
भरतपुर से जुड़े हैं नकली नोटों का कारोबार, एक लाख में तीन लाख के नकली नोटों का सौदा
भरतपुर. मध्यप्रदेश के रीवा में नकली नोटों का बड़ा कारोबार चल रहा है। इसके तार प्रदेश से बाहर राजस्थान के भरतपुर तक जुड़े हैं। ऐसे ही एक नेटवर्क का पर्दाफाश शनिवार को पुलिस ने किया है। राजस्थान से नकली नोट लेने रीवा आए दो तस्करों सहित तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब डेढ़ लाख रुपए के नकली नोट बरामद किए हैं। खास बात यह रही कि इस पूरे मामले का खुलासा एक कथित अपहरण की घटना के बाद हुआ। पुलिस ने जब एक बदमाश को पकड़ा तो उससे पूछताछ में रीवा जिले में चल रहे नकली नोट के कारोबार का पर्दाफाश हो गया। यह देखकर खुद पुलिस भी हैरान रह गई।
भरतपुर में आरयू अस्पताल चलाने वाले डॉ. उदित चौधरी ने रीवा के देवतालाब निवासी रौनक पाण्डेय से एक लाख रुपए के बदले तीन लाख के नकली नोट का सौदा किया था। सौदे के मुताबिक उसने एक लाख रुपए आरोपी के खाते में ट्रांसफर किए थे। डॉक्टर की लगातार रौनक से बात भी हो रही थी। सौदा तय होने के बाद डॉक्टर ने दो युवकों किशनचंद्र लोधी पिता नेमीचंद्र निवासी तेहरा लोधा थाना चिकसाना जिला भरतपुर राजस्थान, रिंकू लोधी उर्फ भल्द पिता तिरोड़ी लोधी निवासी तेहरा लोधा थाना चिकसाना जिला भरतपुर को राजस्थान से नकली नोट लेने के लिए रीवा भेजा था। यहां आरोपी रौनक उनको कम नोट दे रहा था, जिसकी वजह से शुक्रवार को उनके बीच विवाद हो गया।
पुलिस को गुमराह करने के लिए अपहरण व लूट की दे रहे थे जानकारी
नोटों को लेकर हुए विवाद के बाद अमहिया थाने के अस्पताल चौराहा के समीप कार सवार दो युवकों ने बदमाशों द्वारा अपहरण कर रुपए व मोबाइल छीनने की जानकारी शुक्रवार को पुलिस को दी थी। घटना के बाद एसपी नवनीत भसीन ने तत्काल विवि थाना प्रभारी विद्या वारिधि तिवारी, सिविल लाइन थाना प्रभारी हितेंद्रनाथ शर्मा, अमहिया थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल व साइबर सेल प्रभारी वीरेंद्र पटेल के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने जब दोनों से घटना के संबंध में जानकारी लेनी शुरू की तो मामले की परतें खुलने लगीं। घटना के बाद दोनों युवक आरोपियों खिलाफ रिपोर्ट लिखाने को तैयार नहीं थे, जिससे उनकी गतिविधियों पर पुलिस को संदेह हुआ और उन्हें थाने से रवाना कर दिया गया। इसके बाद दोनों युवक सीधे रौनक के साथी अभिनव सिंह पिता प्रहलाद बघेल निवासी शुकुलगवां थाना ताला जिला सतना के पास पहुंच गए। वहां से पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
रीवा से एक टीम राजस्थान रवाना
नकली नोट के इस कारोबार के तार राजस्थान से जुडऩे पर एसपी ने टीम गठित की है। यह टीम राजस्थान जाकर उक्त डॉक्टर को गिरफ्तार करेगी और नकली नोट के इस कारोबार में शामिल दूसरे आरोपियों के संबंध में जानकारी एकत्र करेगी। माना जा रहा कि राजस्थान में नकली नोट के नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारियां पुलिस के हाथ लग सकती हैं। यह टीम देररात राजस्थान के लिए रवाना हो गई।
...तो रौनक है रीवा का सरगना
रीवा में नकली नोटों का कारोबार आरोपी रौनक पाण्डेय संचालित करता है। वह फिलहाल फरार है। उसकी तलाश में पुलिस टीम लगी हुई है। उससे ही नकली नोट का सौदा डॉक्टर ने किया था। ऐसे में उसके पकड़े जाने के बाद रीवा में चल रहे नकली नोट के कारोबार का खुलासा हो जाएगा। वह नकली नोट कहां से लाता थाए इस कारोबार में कौन.कौन लोग शामिल हैंए यह उसके पकड़े जाने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
मशीन से छापे गए नोट
आरोपियों के कब्जे से बरामद नकली नोट की क्वालिटी काफी अच्छी है। यह नोट कम्प्यूटर से स्कैन नहीं हैं, बल्कि इन्हें तैयार करने के लिए किसी मशीन का इस्तेमाल किया गया है। इन नोटों में रिजर्व बैंक के सिक्योरिटी फीचर नहीं थे, लेकिन देखने में हुबहू असली जैसे थे। कोई भी इन नोटों को देखकर धोखा खा सकता है।
इनका कहना है
अपहरण की जानकारी देने वाले युवक नकली नोट के कारोबार से जुड़े हैं। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से डेढ़ लाख रुपए के नकली नोट बरामद हुए हैं। मामले में राजस्थान के डाक्टर का नाम सामने आया है। उसने रीवा के बदमाश से सौदा तय किया था। आरोपियों को रिमांड पर लेकर लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- अनिल सोनकर, एएसपी रीवा
Published on:
18 Jul 2022 12:17 pm
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