20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘शीश के दानी का सारे जग में डंका बाजे…’

बयाना में छटवां संकीर्तन महोत्सव, श्याम बाबा के भजनों पर रातभर थिरके भक्त, खाटूश्याम बाबा की सजाई प्रतिमा

2 min read
Google source verification
'शीश के दानी का सारे जग में डंका बाजे...'

'शीश के दानी का सारे जग में डंका बाजे...'

बयाना. 'मिले हो तुम बाबा बड़े नसीबों से..., खाटू की गलियों की कुछ बात निराली हैं, शीश के दानी का सारे जग में डंका बाजे...' जैसे भजनों पर थिरकते भक्तों के चलते माहौल श्याममय दिखाई दिया। दूसरी ओर एक से बढ़कर एक खाटूश्याम बाबा के भजन सुनाकर कलाकारों ने श्रोताओं को रातभर बांधे राखे। चारों ओर भजनों के बीच बाबा श्याम के जयकारे गूंज रहे थे।

खाटूश्याम बाबा की भक्ति का कुछ इस तरह का माहौल शुक्रवार रात को बयाना में देखने को मिला। अवसर था श्रीश्याम भक्त मण्डल की ओर से आयोजित छठवां श्याम संकीर्तन महोत्सव। कस्बे की जानकीपुरम काॅलोनी में शनिवार रात को श्रीश्याम भक्त मण्डल की ओर से छठवां श्याम संकीर्तन महोत्सव मनाया गया। जिसमें खाटू श्याम बाबा के भजनों से कलाकारों ने ऐसा समां बांधा कि भक्त रातभर भक्ति में थिरकते रहे। कलाकारों ने रातभर भक्त रस की गंगा बहाई। कार्यक्रम में मेहंदीपुर बालाजी धाम प्रेतराज सरकार के महंत मोहन पुरी के पावन सानिध्य में बरेली से आईं अंतरराष्ट्रीय भजन गायिका अंजलि द्विवेदी ने श्याम बाबा के भजनों पर श्रद्धालुओं को थिरकने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने खाटू श्याम के भजन 'मिले हो तुम बाबा बड़े नसीबों से, खाटू की गलियों की कुछ बात निराली है, शीश के दानी का सारे जग में डंका बाजे' सुनाकर श्रोताओं को मंत्र- मुग्ध कर दिया। इसके साथ ही बरेली से ही आए गायक कलाकार राम-श्याम बंधु और आगरा की अदिति पाराशर ने भजनों से श्याम प्रभु का गुणगान करते हुए भोर होने तक श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबोए रखा। गाजियाबाद के कलाकारों की ओर से 25 फुट ऊंचा भव्य श्याम बाबा का दरवार भी फूल और रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया। खाटूश्याम की रंग बिरंगी प्रतिमा के दर्शन के लिए पूरा बयाना शहर उमड़ पड़ा। शुक्रवार को देर रात शुरू हुए इस कार्यक्रम में श्यामबाबा की एक झलक पाने के लिए भक्तों ने पूरी रात निकाल दी। संकीर्तन कार्यक्रम की शुरूआत में खाटूश्याम बाबा की विशेष पूजा अर्चना एवं महाआरती की गई। वहीं इस दौरान श्रद्वालुओ की ओर से फूल एवं इत्र वर्षा कर खाटूश्याम बाबा के जयकारे लगाए गए। जिससे समूचा शहर भगवान खाटूश्याम की भक्ति में डूब गया। भजनों की प्रस्तुति संगीतमय ढंग से इस प्रकार दी कि भगवान खाटूश्याम के भक्त रात भर भजन संध्या के भक्त रस में डूबे रहे। पूरी रात जाने कब निकल गई इसका भी पता तक नहीं लगा। इस दौरान केरल की खाटूश्याम प्रतिमा भी शहर में मुख्य चर्चाओ में रही।