
‘खाद, बीज व कीटनाशकों के सही उपयोग की जानकारी किसानों को दें’
भरतपुर. भारत सरकार के संस्थान ‘मैनेज’ हैदराबाद की ओर से कृषि आदान विक्रेताओं के कृषि संबंधी तकनीकी ज्ञानवर्धन के लिए कार्यालय परियोजना निदेशक आत्मा भरतपुर के माध्यम से डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन सर्विसेज फॉर इनपुट डीलर्स (देसी) पाठ्यक्रम की शुरुआत की गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि भरतपुर संभाग कृषि के अतिरिक्त निदेशक देशराज सिंह ने कहा कि समय में बदलाव आ गया है और अब जरूरत है कि आदान विक्रेताओं की ओर से केवल कृषि आदानों का विक्रय ही नहीं किया जाए, बल्कि किसानों को खाद, बीज तथा कीटनाशकों के सही उपयोग की जानकारी भी किसानों को दी जाए। ताकि किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन मिल सके और किसान सफलतापूर्वक खेती कर सकें। वर्तमान में खेती करना महंगा होता जा रहा है और किसान भाई कई बार जानकारी के अभाव में अनावश्यक रूप से उर्वरक, मंहगे बीज या अत्यधिक मात्रा में कीटनाशी का उपयोग कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में आदान विक्रेताओं की ओर से आदानों की बिक्री के समय किसानों को उचित तकनीकी सलाह भी दी जानी चाहिए। सिंह ने आदान विक्रेताओं को कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को औपचारिक नहीं मानते हुए पूरी गंभीरता से।
आत्मा परियोजना निदेशक योगेश कुमार शर्मा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में बताया गया कि भरतपुर जिले के 40 कृषि आदान विक्रेताओं का 48 सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। प्रशिक्षण के दौरान 40 व्याखान प्रशिक्षण कक्ष में तथा 8 भ्रमण फील्ड में व्यावहारिक जानकारी देने के लिए आयोजित किए जाएंगे। इस अवधि में बीज, मिट्टी, उर्वरकों, पौध संरक्षण रसायनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के अंत में लिखित एवं मौखिक परीक्षा का आयोजन किया जाएगा और इसमें सफलता प्राप्त करने वाले प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे?।
कार्यक्रम कॉर्डिनेटर डॉ लक्ष्मण सिंह ने पाठ्यक्रम की रूपरेखा बताई। कृषि अधिकारी रोहित फौजदार ने सभी का स्वागत किया।
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Published on:
29 Dec 2022 09:26 pm
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