
दीपावली के त्योहार के बाद हावी हुआ प्रदूषण हर किसी की सांसों को घोंटता नजर आ रहा है। दिल्ली में बढ़े प्रदूषण से भरतपुर की हवा भी खराब हो गई है। प्रदेश के प्रदूषित शहरों में भरतपुर का नंबर पांच तक आ चुका है। ऐसे में यहां अस्थमा एवं सांस संबंधी मरीजों की दिक्कत बढ़ रही हैं। ऐसे मरीजों को चिकित्सक मास्क लगाने की सलाह दे रहे हैं। हाल ही में 4 नवम्बर को देश के टॉप-10 शहरों में राजस्थान के तीन शहर शामिल हो गए, जिनका आईक्यूआई 300 के पास पहुंच गया है। इनमें श्रीगंगानगर, भरतपुर एवं हनुमानगढ़ शामिल रहे।
पिछले दो दिनों को छोड़ दें तो भरतपुर का एक्यूआई स्तर 200 से पार है, जबकि मापदंड के अनुसार यह 100 तक ही होना चाहिए। सर्दी के मौसम की शुरुआत के साथ ही दिल्ली एनसीआर के साथ राजस्थान के कई शहरों में वायु प्रदूषण का दुष्प्रभाव नजर आ रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो प्रदूषण के चलते पिछले कुछ वर्षों में लोगों के लिए खतरा बढ़ा है। प्रदूषण वाले क्षेत्रों में कार्बन के कण बेहद आसानी से सांस के साथ फेंफड़ों तक पहुंच रहे हैं। कल-कारखानों के नजदीक की बस्तियों एवं ऐसे व्यस्त इलाके जहां वाहनों का बहुत अधिक दबाव है, वहां स्थिति गंभीर होती जा रही है। यहां रहने वाली गर्भवती महिलाओं के गर्भनाल में भी कार्बन के कण की व्यापक मात्रा होने की बात सामने आई है। विशेषज्ञ बताते हैं कि वातावरण प्रदूषित होने से सभी इसका शिकार हो रहे हैं। बुजुर्ग, महिला, जवान और यहां तक कि बच्चे भी इसकी जद में आ रहे हैं। इन दिनों प्रदूषण के चलते बीमार होने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। श्रीगंगानगर का एक्यूआई 4 नवम्बर को 400, भरतपुर का 329 और हनुमानगढ़ का 367 दर्ज किया गया था।
यह है एक्यूआई के मानक
प्रदूषण नियंत्रण मंडल के मानकों के अनुसार प्रदूषण एक्यूआई का स्तर जीरो से 50 तक रहने पर अच्छा, 51 से 100 तक संतोषजनक, 101 से 200 तक संतुलित, 201 से 300 तक खराब, 301 से 400 तक ज्यादा खराब तथा 401 से 500 तक प्रदूषण की गंभीर स्थिति मानी जाती है। वर्तमान में एनसीआर क्षेत्र का एक्यूआई 200 से 250 के बीच चल रहा है, जो गंभीर प्रदूषण की स्थिति को दर्शा रहा है।
कब कितना रहा एक्यूआई स्तर
दिनांक एक्यूआई
8 नवम्बर 187
7 नवम्बर 172
6 नवम्बर 225
5 नवम्बर 265
4 नवम्बर 329
3 नवम्बर 297
2 नवम्बर 233
1 नवम्बर 272
31 अक्टूबर 259
बढ़ता प्रदूषण: पाबंदियां और एहतियात
इनका कहना है
मौसम में बदलाव और प्रदूषण के कारण इन दिनों अस्थमा एवं सांस संबंधी दिक्कतत होने के मरीज खूब आ रहे हैं। ऐसे मरीजों में करीब 50 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
इनका कहना है
दीपावली के त्योहार के बाद पटाखे आदि से प्रदूषण में इजाफा हुआ है। यहां कुछ पाबंदियां भी लागू की गई हैं, जिनकी सख्ती से पालना कराई जा रही है।
Published on:
09 Nov 2024 07:39 pm
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