कामां. ब्रज क्षेत्र कामां में भी अब देवभूमि अतिक्रमियों से सुरक्षित नहीं है। जगह-जगह मंदिरों की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर शुक्रवार को देशभर के संत कामां पहुंचे और मंदिरों की जमीन को देखा। मंदिरों की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को मुक्त कराने के लिए साधु-संतों ने बैठक कर रणनीति बनाई।
संत धनंजय दास महाराज के सानिध्य में आयोजित बैठक में मंदिरों पर हो रहे अतिक्रमण के बारे में चर्चा कर रणनीति बनाई गई। संत धनंजय दास महाराज ने बताया कि नृसिंह भगवान मंदिर की भूमि पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। इसे लेकर पहले भी उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। अतिक्रमियों से भी विनम्रता पूर्वक मंदिर की भूमि से अतिक्रमण हटाने का आग्रह भी किया। लेकिन मंदिर की जमीन अतिक्रमण से मुक्त नहीं हुई है। मंदिर की भूमि को अतिक्रमियों के चंगुल से मुक्त कराने को लेकर शुक्रवार को महामंडलेश्वर स्वामी सुमेधानंद महाराज, स्वामी हंसानंद महाराज हरिद्वार भारत माता मंदिर, स्वामी गिरीशानंद महाराज जम्मू सहित अन्य साधु संतों ने मंदिर पहुंचकर अतिक्रमण को देखा। सभी अतिक्रमण को देखने के बाद उन्होंने नृसिंह भगवान मंदिर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान साधु संतों ने एक बैठक कर निर्णय लिया कि अतिक्रमण को लेकर वे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, भरतपुर के प्रभारी मंत्री रमेश मीणा एवं शिक्षा राज्य मंत्री जाहिदा खान से मुलाकात करेंगे। साथ ही मंदिरों की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण के बारे में चर्चा कर इन्हें अतिक्रमण मुक्त कराएंगे। बैठक के दौरान नर्सिंग एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्रीनाथ शर्मा ने सभी साधु संतों का सम्मान किया। इस दौरान साधु-संतों ने ब्रज क्षेत्र के अन्य धार्मिक स्थलों के भी दर्शन किए।