भरतपुर/गोवर्धन. गर्मी की तपिश से लोग परेशान हैं और लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो रहा है। गोवर्धन में गर्मी पर आस्था भारी है। यहां आस्था में भक्तों के कदम नहीं रुक रहे हैं। आस्थावान भक्त गिर्राज जी की नंगे पैर तो परिक्रमा कर रहे हैं, लेकिन इसी बीच लेटकर दंडवती करने वाले श्रद्धालुओं की भक्ति में उत्साह की कमी नहीं है। राधे-राधे के स्वर और गिरिराज महाराज के जयकारों के बीच राजस्थान से आए भक्तों की टोली दण्डवती परिक्रमा लगा रही थी। भक्त अपनी दण्डवती की परिक्रमा दोपहर बाद तीन बजे बाद शुरू कर देते हैं। उन्हें गर्मी की चिंता नहीं है। बस मुख पर प्रभु के नाम का स्मरण कर अपनी आस्था को व्यक्त कर रहे हैं।
राजस्थान की टोडाभीम तहसील के जिला करौली से आए राम सिंह ने बताया कि गिर्राज जी की दंडवती करने में कष्ट का अहसास न के बराबर होता है। फिर ठाकुर जी को मनाने में कष्ट को नहीं देखना चाहिए। यहां साक्षात गिर्राज महाराज विराजमान हैं, भक्ति करने में अधिक आनंद मिलता है। करौली के ही गुर्जर खेड़ली गांव से आई विरमा देवी ने बताया उनके साथ करीब 30 लोग अलग-अलग गांवों से दंडवती परिक्रमा लगा रहे हैं, वे दंडवती परिक्रमा दोपहर बाद 3 बजे से शुरू करते हैं जो कि पूरी रात के प्रहर के बाद सुबह छह बजे तक की जाती है। इसके बाद विश्राम के बाद पुन: लेटकर दंडवती की परिक्रमा लगाते हैं। ये उनकी तीसरी दण्डवती परिक्रमा है। छह दिन में पूरी होने की सम्भावना है। खेती का काम पूरा होने के बाद दण्डवती लगाते हैं।